नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उसके बाद उन्हें 433 दिनों तक उनको नजरबंद रखा गया है, उसके बाद 434 दिन वह रिहा हो गई हैं। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की सरकार ने महबूबा मुफ्ती को आज रिहा करने का निर्णय लिया।
महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बाद उनकी बेटी इल्तिजा ने उनके ही ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कठिन समय में साथ देने वालों को धन्यवाद दिया। रिहाई होने के बाद महबूबा सक्रिय हो गई हैं। वह 16 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। उमर अब्दुल्ला ने महबूबा का स्वागत करते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि उन्हें निरंतर हिरासत में रखा जाना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ था।
आखिर कारण क्या थे हिरासत में रखने का, आइए जाने
पिछले साल जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पहले प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।महबूबा मुफ्ती को भी दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉक्टर फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के साथ हिरासत में ले लिया गया था। महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री रहते उनका आवास रहे गफूर रोड स्थित फेयरव्यू को उपजेल घोषित कर दिया गया था और उन्हें पुलिस ने वहीं रखा गया था। फारुख और उमर अब्दुल्ला को पहले ही रिहा किया जा चुका था, लेकिन महबूबा मुफ्ती की हिरासत अवधि एक अगस्त के दिन ही तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी।


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