अवध। उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद का शासनादेश 16 जुलाई को जारी किया गया था। जिसमें स्नाकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट, उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। यह सूचना पाकर स्नाकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र छात्राएं अगली कक्षा की तैयारी में लग गए थे। लेकिन दिनांक 8 अक्टूबर को राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के द्वारा परीक्षा की समय सारणी जारी की गई है। जिसमें 20 अक्टूबर से परीक्षाएं प्रारंभ है, परंतु पेपरों के बीच किसी भी प्रकार का अंतराल नहीं है।
आपको बता दें कि पूरे प्रदेश में किसी विश्वविद्यालय के द्वारा परीक्षाएं नही करायी जा रही, बल्कि उन सभी छात्र/ छात्राओं को प्रोन्नति किया जा रहा है। और वहीं, राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के खिलवाड़ कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का या मनमानी हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
इसके विरोध में अवध विश्वविद्यालय से संबंधितक कई महाविद्यालयों के छात्र/ छात्राओं ने कुलपति एवं कुलसचिव को पत्र देना चाहते है पर छात्र/छात्राओं को उनसे मिलने से मना कर दिया गया और वहां से भगा दिया गया। यहीं नहीं कुलपित एवं कुलसचिव कार्यालय के किसी कर्मचारी के द्वारा छात्रों के पत्र को स्वीकार्य नहीं किया गया। जबकि कुलाधिपति, राजपाल एवं राजभवन उत्तर प्रदेश लखनऊ डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय को पत्र भेज दी गई है।


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