नई दिल्ली। भारतीय रेलवे 'रेल नेटवर्क' को अपग्रेड करने पर विचार कर रही है। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से स्लीपर कोच को पूरी तरह खत्म कर दिए जाएगा। अब केवल एसी बोगियां ही रहेंगी। इस तरह की ट्रेन की रफ्तार 130/160 किमी प्रति घंटा होंगी। दरअसल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें के 130 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चलने पर नॉन-एसी कोच तकनीकी समस्याएं पैदा करती हैं। इसलिए इस तरह की सभी ट्रेनों से स्लीपर कोच को खत्म कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि अब लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में फिलहाल 83 एसी कोच लगाने का प्रस्ताव है।
हालांकि इस साल के अंत तक कोच की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएंगी। वहीं अगले साल कोच की संख्या 200 किए जाने का प्लान है। जबकि नॉन एसी कोच वाली ट्रेन की रफ्तार एसी कोच वाली ट्रेनों के मुकाबले कम होगी।इससे पहले इंडियन रेलवे ने बुधवार को 39 नई पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है। ये सभी ट्रेनें स्पेशल ट्रेनों के रूप में चलाई जाएंगी। रेलवे की तरफ से सभी 39 ट्रेनों की लिस्ट जारी कर दी गई है, लेकिन अभी इन्हें कब से चलाया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
वहीं, सेंट्रल रेलवे के मुताबिक नौ अक्टूबर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और नागपुर, पुणे, गोंदिया और सोलापुर के बीच 10 स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा। इन ट्रेनों में जनरल डिब्बे नहीं होंगे। बल्कि ये पूर्ण रूप से स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें होंगी, जिसमें बिना कंफर्म टिकट के यात्रा की इजाजत नहीं होगी।
सात माह से बंद पड़ी थी तेजस, अब 17 अक्टूबर से चालू
17 अक्टूबर से प्राइवेट तेजस ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी। आईआरसीटीसी( IRCTC) ने बुधवार को इस बात की घोषणा की है। तेजस ट्रेन के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत 8 अक्टूबर से हो गई है। बता दें कि कोरोना काल में तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन सात महीने से बंद है। लेकिन अब इसे शुरू किया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक 17 अक्टूबर से लखनऊ-नई दिल्ली और अहमदाबाद-मुंबई रूट पर इन ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होगा।


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