राजेश शास्त्री, संवाददाता
बांसी, सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर अन्तर्गत स्थित तहसील मुख्यालय बांसी में स्थित डाकघर बंद होने के बावजूद अभीं तक जिला मुख्यालय पर हो नहीं सका इस डाकघर का संचालन क्योंकि पहली अप्रैल से ही प्रधान डाकघर को बांसी से जिला मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया गया। और उसके अभी पूर्ण रुप से चालू न होने के कारण पोस्ट ऑफिस लगभग एक माह से बंद है। जिसके कारण पूरे जनपद में रजिस्ट्री पार्सल इत्यादि नहीं हो पा रहा है और न ही लोगों का पैसा निकल पा रहा है। आरडी जमा करने वाले भी पूरी तरह से परेशान हैं इससे हाहाकार मचा हुआ है।
बांसी तहसील मुख्यालय पर बस्ती जनपद के समय से ही लगभग पिछले 70 वर्षों से बांसी तहसील मुख्यालय पर प्रधान डाकघर कार्यरत रहा। लेकिन पहली अप्रैल 2021 को प्रधान डाकघर को बांसी से हटाकर जिला मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया गया। बिना पहले से ही किसी तैयारी के प्रधान डाकघर को बांसी से जिला मुख्यालय ले जाकर आनन-फानन में स्थानांतरित करने से आदान-प्रदान में पोस्ट ऑफिस का अभी सेटअप पूरी तरह फिट नहीं हो पाया। जिसके कारण पूरे जनपद में डाक विभाग पूरी तरह पंगु बना हुआ है।
स्थिति यह हो गई है कि न तो पूरे जनपद में कहीं से रजिस्ट्री हो रही है और न ही किसी का धन निकासी हो रहा है। शादी विवाह का माहौल है। बहुत से जमाकर्ता पोस्ट ऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई कार्य न होने से अफरा-तफरी और निराशा का माहौल है। अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि पिछले 70 वर्षों से बांसी में प्रधान डाकघर चल रहा था तो उस समय भी बांसी तहसील मुख्यालय ही रहा तो आज किन परिस्थितियों में प्रधान डाकघर को बांसी से हटाया गया, क्या प्रधान डाकघर स्थापना के समय बांसी जिला मुख्यालय था?
आज भी सिद्धार्थनगर जिले के तमाम जिला स्तरीय कार्यालय बासी में चल रहे हैं तो प्रधान डाकघर को भी यथावत रहने दिया गया होता, यदि ऐसा किया गया होता तो आज पूरे जिले की डाक सेवाएं प्रभावित नहीं होती। ऐसा करके डाक विभाग और यहां के जनप्रतिनिधियों ने निहायत ही अदूरदर्शिता का कार्य किया है। अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वह हर महीने पोस्ट ऑफिस में आरडी जमा करते हैं।
इस महीने उनका आरडी नहीं जमा हो पा रहा है इस महीने अगर आईडी नहीं जमा हुआ तो उस पर लेट पेमेंट लगेगा इसका जिम्मेदार कौन होगा । पूर्व सांसद डॉक्टर चंद्रशेखर त्रिपाठी का कहना है कि 70 वर्षों से बांसी में कार्यरत प्रधान डाकघर को स्थानांतरित ही नहीं करना चाहिए था। यह बिना तैयारी के जिस तरह से कार्य किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। एक माह का समय बीत गया लेकिन पोस्ट ऑफिस में काम चालू नहीं हो पाया।
इतने लंबे समय तक कभी पोस्ट ऑफिस बंद ही नहीं रहा। शिक्षक दिनेश कुमार पांडे का कहना है कि उन्हें बोर्ड को प्रयोगात्मक परीक्षा में प्राप्त किए बच्चों का अंक रजिस्टर्ड डाक से भेजना था लेकिन पूरे जनपद में कहीं से रजिस्ट्री न होने के कारण उन्होंने बस्ती जाकर वहां से रजिस्ट्री का कार्य किया।फिलहाल जो भी हो डाक विभाग का इतने लंबे समय तक बंद रहना पूरे जनपद में हाहाकार का कारण बना हुआ है।कोई भी उपभोक्ता न तो पोस्ट ऑफिस से लेनदेन कर सकता और न ही किसी तरह का रजिस्ट्री या अन्य विभागीय कार्य कर पा रहा है।
इससे उपभोक्ताओं में रोष है। इस संबंध में बांसी डाकघर के पोस्टमास्टर शरद कुमार सिंह का कहना है कि जब तक जिला मुख्यालय पर आईडी सेटअप नहीं हो जाता तब तक यह परेशानी बनी रहेगी। बांसी में प्रधान डाकघर बहुत लंबे समय से कार्यरत रहा इसलिए आईडी सेटअप करने में परेशानी आ रही है। जिसका अबिलम्ब निदान होना बहुत ही आवश्यक है।


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