शिवदान सिंह दिपांशु, संवाददाता
बनीकोडर बाराबंकी असंद्रा थाना क्षेत्र के पूरे बरियार मजरे सलेमपुर गांव में स्थानीय पुलिस व वन विभाग की मिलीभगत से वन माफिया हरे भरे प्रतिबंधित आम के कई पेड़ काटकर गिरा दिए। जिसे पिकअप लादने की तैयारी थी। लेकिन ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस द्वारा घंटों कार्रवाई न किए जाने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुनः विभागीय उच्चाधिकारियों को दिया। जिससे हरकत में आई असंद्रा पुलिस और मौके पर पहुंचकर ठेकेदार व पिकअप को कब्जे में लेकर जांच कर रही है। मामला असंद्रा थाना क्षेत्र के पूरे बरियार गांव का है। जहां पर हरे भरे प्रतिबंधित आम के चार पेड़ वन माफिया रमेश यादव उर्फ हग्गन यादव ने काटकर गिरा दिया। आम के बोटों को पिकअप में लादने की तैयारी की जा रही थी।
इसकी सूचना ग्रामीणों ने अंसद्रा कोतवाल शिवाकांत त्रिपाठी को दी लेकिन इनके घंटो बीतने के बाद कटान स्थल पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा, असन्द्रा कोतवाल कार्यवाही करने में आनाकानी कर रहे थे। जिससे ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभागीय उच्चिधिकारियो एडिशनल एसपी मनोज पांडेय व तहसीलदार दया शंकर त्रिपाठी, सीओ रामसनेहीघाट पंकज सिंह को दिया। सूत्रों के मुताबिक उच्चाधिकारियों की फटकार पर असन्द्रा कोतवाल शिवाकांत त्रिपाठी हरकत में आए। हल्का इंचार्ज कृष्णबली सिंह ने तत्परता दिखाते हुए ठेकेदार रमेश यादव उर्फ हग्गन यादव व पिकअप यूपी 44 जे 9356 को हिरासत में लिया है। लेकिन प्रतिबंधित लकड़ी बरामद नही कि ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उनका कहना है कि अवैध कटान में विभागीय मिलीभगत तो होती ही है। लेकिन स्थानीय पुलिस की भी संलिप्तता देखने को मिली ऐसा लगा रहा था कि जैसे वन माफिया का साथ चोली दामन जैसा हो जिससे हौसला बुलंद वन माफियाओं द्वारा अवैध कटान की जाती है। जिसका उदाहरण सूचना पर सूचना देने के बाद भी स्थानीय कोतवाल शिवाकांत त्रिपाठी मौके पर जांच तक के लिए नहीं पहुंचे। जिससे ग्रामीणों ने विवश होकर उच्चाधिकारियों से शिकायत किया। जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।



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