- जीव हत्या नहीं रोकी गई तो कंट्रोल से बाहर हो जायेगा वायरस
- शराब-मांस के पैसों से कोई देश तरक्की नहीं कर सकता, सभी सरकारों से ये आमदनी बंद करने की प्रार्थना
कोरोना रोग को कुदरत की सजा का परिणाम बताने वाले, इसके बार-बार नाम-रूप बदल कर आने की बात पहले ही बता देने वाले, इससे छुटकारा दिलाने का उपाय बताने वाले, देश व जनता के हित में प्रान्त और देश के जिम्मेदारों को बार-बार आगाह करने वाले उज्जैन के त्रिकालदर्शी पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 21अप्रैल 2020 को दिए व यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित सन्देश में अपील कि की देखों कितने नौजवान, देश के होशियार बच्चें नशे में मस्त हो रहे हैं। ऐसी-ऐसी गोलियां आ गई कि खा लिया और मस्त पड़े है। जो नशे में रहेगा वो क्या कर पायेगा? नशे में आदमी को कुछ याद रहता है? कुछ नहीं। शराब की दुकान खोलते, बढ़ाते चले जा रहे है। कह रहे हैं की इनकम बढ़ेगी। तो आज मैं आपको बता दे रहा हूँ- मांस और शराब के पैसों से देश तरक्क़ी कभी नहीं कर सकता है। हिंसा, हत्या किया हुआ का पैसा कभी फलदायी नहीं हो सकता।
शराब-मांस के पैसे से कितनी भी बढ़िया दवा बना लो, बीमारियों को रोक नहीं पाएंगे
मांस और शराब कई आमदनी का लालच छोड़ने की प्रार्थना करते हुए सन्त उमाकान्त जी महाराज ने कहा इस पैसे से आप कितनी भी बढ़िया से बढियां दवा बना दो, कल कारखानों में निवेश कर दो, विदेशीयों को बुला लो लेकिन इस रोग को हटा नहीं सकते हो। एक कोरोना जाएगा तो दूसरा कोरोना, तीसरा कोरोना आ जायेगा, नाम बदल कर, रूप बदलकर आ जायेगा।
आप कितना भी राशन बांट दो, राशन बेचकर शराब पी जाएंगे, बच्चे रोते बिलखते रह जायेंगे
इसलिए हमारी तो यही प्रार्थना है आप शराब की दुकानों को बन्द करो। अभी तो बहुत से लोगों की आदतें भी छूट गई है। अभी खुल जाएगी जगह-जगह तो फिर पीने लगेंगे। पीकर जब एक्सीडेंट करने लगेंगे तब आपका और पैसा खर्च होगा। आप तो कहोगे हम शराब-मांस कई दुकानों से इनकम बढ़ा रहे हैं। तो इनकम क्या बढ़ेगा? उसमें फिर खर्चा करना पड़ जायेगा। आप कितना भी राशन बांटोगे, शराब की दुकान जब खुली दिख जायेगी शराबी को तो राशन बेचकर पी जाएगा। कितना भी राशन बांट दो, कितना भी सुख सुविधा उनके बच्चों के लिए दे दो, बच्चें वैसे के वैसे ही रोते रह जाएंगे।
अपराध और भ्रष्टाचार की जननी है शराब-मांस, सारी बुराइयां इसी में से निकलती हैं
क्या राजा का यही धर्म होता है, क्या प्रजा को पालने का यही तरीका होता है? तो प्रार्थना है प्रान्त, देश की सरकारों, अधिकारीयों से जो प्रस्ताव पास कराने के लिए बनाते है, नियम बनाते है कि आप शराब की दुकानों को बन्द ही करा दो। बिहार के मुख्यमंत्री ने शराब को बन्द कर दिया तो वो प्रान्त भी तो चल रहा है, वहाँ कौन सा नुकसान हो गया? और जहां शराब की बिक्री हो रही है वो कौन सा तरक्की कर गया। बल्कि वहाँ नुकसान ज्यादा हो रहा है। तोड़फोड़, हड़ताल, अपराध और भ्रष्टाचार ज्यादा करते है शराब पी करके तो शराब तो देश मे बन्द ही कर देनी चाहिए।
जीव हत्या नहीं रोकी तो वायरस कंट्रोल नहीं होगा
महाराज जी ने आगाह किया कि जो जीव हत्या हो रही है, जीव हत्या को भी आप बन्द कर दो। नहीं तो वायरस इतना बढ़ेगा कि कंट्रोल कर पाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अभी से हारने लग गए, सेवा करते-करते, ये काम करते-करते, डरने लग गए क्यूंकि इनको भी होने लग गया। तो आगे चलकर आपकी उम्मीदे रखी रह जाएगी, इन पर पानी फिर जाएगा। इसलिए बात को मान लेना चाहिए और शराब, मांस और जीव हत्या बन्द कर देना चाहिए।

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