टॉप 5 खबरों को पढ़ें एक नजर में

अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ

भाजपा की जिला पंचायत सदस्य ने फांसी लगाकर दी जान

  • घरेलु विवाद के चलते उठाया आत्मघाती कदम
  • पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

बांदा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिला महामंत्री और जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर ने परिवारिक कलह के चलते बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से बांदा में राजनीतिक खेमे में हलचल मच गई है। घटना का कारण ज्ञात नहीं हो सका है । इनके पति दीपक सिंह गौर भी भाजपा के सक्रिय नेता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना शहर कोतवाली अंतर्गत उनके निवास इंदिरा नगर में हुई है।जहां पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंच गए हैं। इस बीच खबर है किजिला पंचायत सदस्य का शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में लटकता हुआ मिला है पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका का पति भाजपा नेता दीपक सिंह और मौके से फरार बताए जा रहे हैं। 

श्वेता सिंह गौर के पति दीपक सिंह गौर भी भाजपा के सक्रिय नेता है। श्वेता सिंह गौर और उनके पति दीपक सिंह गौर लगातार भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पर क्या कारण है कि अच्छी भली जिन्दगी से श्वेता इस कदर टूटीं कि अपने ही घर में उन्हें फांसी लगाकर आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा। घटना का कारण पता करने पर लोग दबी जुबान से पारिवारिक कलह को वजह बता रहे हैं। बांदा शहर कोतवाली अंतर्गत इंदिरा नगर में श्वेता सिंह गौर अपने पति दीपक सिंह गौर और तीन बच्चों के साथ रहती थीं। भरा-पूरा सम्पन्न परिवार जिसे आमतौर पर सुविधा सम्पन्न परिवार कहा जा सकता है, उस पर अवसाद की छाया ऐसी पड़ी कि देखते ही देखते तीन छोटे बच्चों की भी परवाह न करते हुए एक मां को सदा सदा के लिए ये दुनिया छोड़ देने को मजबूर होना पड़ा।

बताते चलें कि जसपुरा क्षेत्र की 12 नंबर सीट से जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर राजनीति में आने के बाद से ही जबरदस्त ढंग से अपने क्षेत्र में सक्रिय हुई थीं। समाज शास्त्र में परास्नातक श्वेता सिंह गौर की राजनीतिक प्राथमिकताओं में अपने क्षेत्र का विकास था। वो आमजनमानस को शुद्ध पेयजल और सुचारू आवागमन के लिए गांवों के अन्दर की सड़कों की पक्षधर थीं। वो जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद से ही लगातार अपने मिशन में भी लगी हुई थीं। यहां तक कि अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में श्वेता सिंह गौर ने अपने पति दीपक सिंह गौर के साथ मिलकर तिंदवारी विधानसभा में वर्तमान प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के चुनाव प्रबन्धन में मुख्य भूमिका का निर्वाह भी किया था।

वो सुबह से देर शाम तक पूरे तिंदवारी क्षेत्र में भाजपा की नीतियों का प्रचार करती थीं। उनकी मेहनत के बलबूते भाजपा ने तिंदवारी क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता पाई थी। हालांकि अभी पिछले कुछ माह पहले भी श्वेता सिंह का नाम एक बार चर्चा में आ चुका था, जब उनके भाई ने प्रेम-प्रसंग के चलते अपने आप को श्वेता सिंह के घर में ही गोली मारी थी। हालांकि वो बच गया था। पर इस हाईप्रोफाइल मामले की भी शहर में खूब चर्चा हुई थी। इस बीच पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि आज जिला पंचायत सदस्य स्वेता सिंह गौर द्वारा आत्महत्या की खबर मिलने पर मौके पर जांच पड़ताल करने पर पाया कि कमरा अंदर से बंद था और पंखे के सहारे शव फांसी पर लटका हुआ था। घटनास्थल का डॉग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। 

मौके पर उनके पति नहीं मिले, परिवारी जनों से बातचीत पर पता चला कि पति पत्नी के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। बीती रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। संभवत इसी कारण उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

श्वेता के परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मृतक जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर के परिजनों ने सीधे- सीधे उनके पति दीपक सिंह गौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही पती पत्नी के झगड़े को लेकर पंचायत हुई थी। जिसमे श्वेता के ससुर ने भी बुरी-बुरी गालियां दी थी। घटना के बाद से दीपक सिंह गौर फरार है, जिससे संदेह उसी पर जाता है।

मोबाइल से खुल सकते हैं कई राज

घटनास्थल पर पुलिस को दो टूटे हुए मोबाइल मिले है। उनको खोलने के बाद कई ऐसे कारणों का पता चल सकता है जिसकी वजह से घटना हुई।

श्वेता ने फेसबुक पर डाली थी पोस्ट

मृतक श्वेता सिंह गौर ने फेसबुक पर पोस्ट डाली थी जिसमे लिखा था कि घायल शेरनी से मत टकराना, इससे कहीं न कहीं श्वेता के मजबूत इरादों का भी पता चलता है। सूत्रों की माने तो एक रात पहले भी पती पत्नी में झगड़ा हुआ था।

पूर्व विधायक ब्रजेश प्रजापति के घर पहुंचा सपा का प्रतिनिधि मण्डल

  • परिजनों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

बांदा। तिंदवारी विधानसभा के पूर्व विधायक रहे ब्रजेश प्रजापति के सपा में शामिल होने के बाद प्रशासन ने उनपर लगातार शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विकास प्राधिकरण द्वारा उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर ढहाने के आदेश पर आयुक्त ने तो रोक लगा दी लेकिन अभी भी उनके भवन पर गिराये जाने का खतरा मंडरा रहा है। इसी बीच सपा अध्यक्ष द्वारा मामले की जांच के लिए बनाया गया प्रतिनिधि मण्डल ने आज उनके आवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात करते हुए उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। 

बुधवार को पूर्व विधायक ब्रजेश प्रजापति के आवास पर पहुंचे सपा प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों में राज्यसभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद, पूर्व सांसद राजाराम पाल, बबेरू विधायक विशम्भर सिंह यादव, कर्वी विधायक अनिल प्रधान, सपा जिलाध्यक्ष बांदा विजय करन यादव ने पूर्व विधायक ब्रजेश प्रजापति के परिजनों ने उनके आवास पर मुलाकात करते हुए हर संभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के इशारे पर फर्जी मुकदमे लगाये जा रहे हैं। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी। 

इस मौके पर विदित त्रिपाठी, राजेन्द्र यादव, वृन्दावन वैश्य, रामपाल प्रजापति, मुलायम यादव, अवध बिहारी, देवेन्द्र प्रजापति, लवलेश प्रजापति, विष्णु यादव, सुनील विश्वकर्मा, अखिलेश पाल आदि मौजूद रहे। 

जिला पुस्तकालयों के रिक्त पदों पर शीघ्र की जाये भर्ती : अशोक त्रिपाठी

  • भाजपा नेता ने सीएम को लिखा पत्र

बांदा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजते थे मांग की है कि प्रदेश की जिला पुस्तकालय खस्ताहाल को ठीक कराते हुए सृजित पदों के सापेक्ष सभी रिक्त पदों पर भर्तियां की जाए।साथ ही इंटरमीडिएट के बाद सीयूईटी, मेडिकल,क्लैट, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए जनपद स्तर पर प्रशासनिक, अधिकारी न्यायिक अधिकारी,शिक्षा विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से मार्गदर्शन दिलाया जाए।

पूर्व जिला अध्यक्ष अपने पत्र में अवगत कराया है कि वर्तमान समय में जिला पुस्तकालयों में छात्र छात्राओं को बैठकर पढ़ने की निशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। परंतु जिला पुस्तकालय में ना तो पुस्तकालय अध्यक्ष होते हैं और ना ही मानक के अनुसार स्वीकृत पदों पर कर्मचारियों की भर्तियां हैं। साथ ही वर्तमान समय में जिला पुस्तकालयों में अद्यतन प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु उत्कृष्ट पाठ्यक्रम भी नहीं रहता है। जिससे वहां पहुंचने वाले छात्र छात्राओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में वांछित पठन-पाठन सामग्री नहीं मिल पाती है। जिससे छात्र-छात्राओं का जिला पुस्तकालयों के प्रति मोह भंग  हो रहा है। 

जिससे आजकल के नवयुवक नव युवती जो केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं को जिला स्तर पर काउंसलिंग कराकर  उचित मार्गदर्शन दिलाते हुए निशुल्क तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। जिला पुस्तकालय की समीक्षा शासन स्तर से 15 दिनों में जिले के संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा कराई जाए। ताकि छात्र छात्राओं को जिला प्रशासन के माध्यम से समुचित मार्गदर्शन मिले और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चे प्रगति कर सकें।

पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने 5 बिंदुओं पर प्रदेश के मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया है तथा छात्र-छात्राओं के हित में जिला पुस्तकालयों को तात्कालिक रूप से सुसज्जित और वर्तमान प्रवेश परीक्षाओं के अनुसार कुशल मार्गदर्शक, एक्सपर्ट टीम रखकर निशुल्क काउंसलिंग और कोचिंग दिलाए जाने पर बल दिया है। साथ ही पुस्तकालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को डिजिटल आई कार्ड जारी किए जाने और डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़े जाने की भी बात कही है।

अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुल्डोजर

  • सरकारी जमीन से एसडीएम ने हटवाया अवैध कब्जा

बांदा। प्रदेश में पूर्ण बहुमत से भाजपा की दूसरी बार सरकार बनने के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अवैध कब्जेधारियों व दबंगों के मकानों पर लगातार बाबा का बुल्डोहर कहर बरपा रहा है। इसी कड़ी में सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम जमालपुर में गांव समाज की भूमि पर कब्जा किये चन्द्रिका प्रसाद शुक्ला की जमीन पर एसडीएम सुधीर कुमार, तहसीलदार पुष्पक, लेखपाल सुभाष श्रीवास्तव व प्रधान प्रतिनिधि शिवचरण शुक्ला की मौजदूगी में सरकारी जमीन पर किया गया अवैध कब्जे को बुल्डोजर से ढहाते हुए कब्जामुक्त किया गया। इस मौके पर एसडीएम ने अवैध कब्जाधारक को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि दोबाहार सरकारी जमीन पर कब्जा किया किया जो एन्टी भूमाफिया के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जायेगा। एसडीएम ने आगे बताया कि अवैध कब्जों पर बुल्डोजर चलने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

फसल बीमा पाठशाला का आयोजन जन सेवा केंद्र द्वारा किया गया

  • कृषि मंत्री से किसानों ने किया संवाद

पैलानी/बांदा। आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश भर में 26 अप्रैल से 1 मई तक फसल बीमा पाठशाला का आयोजन कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किया गया जिसमे आज यानि 27 अप्रैल को कृषि मंत्री और कृषि राज्य मंत्री के द्वारा किसानो से संवाद किया जिसका प्रसारण सीएससी केन्द्रों के माध्यम से पंचायत स्तर पर किया गया  और जिला मुखालय में कार्यक्रम का आयोजन बीमा कम्पनी और कृषि विभाग और सी एस सी के सहयोग से किया गया इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री 11 बजे से 1 बजे तक किसानो को संबोधित किया और उनसे बात की गई प्रदेश के 8 जनपद गोरखपुर ,देवरिया , वाराणसी मेरठ झांसी महोबा सहारनपुर व रामपुर जनपद के किसानो से एनआईसी के माध्यम से संवाद किया और इस कार्यक्रम को जिला बाँदा सीएससी केन्द्रों के माध्यम से प्रसारण किया गया।  

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित सीएससी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से जिला बाँदा के सभी गाव में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया  साथ ही सभी जगह पर कार्यक्रेम का लाइव टेलीकास्ट किया गया जिले के 800 सीएससी केंद्र, पंचायत भवन में किसानो की सभा का आयोजन नामित बीमा कंपनी के,कृषि विभाग के सहयोग किया गया जिसमे माननीय नरेंद्र सिंह तोमर मंत्री जी के द्वारा किसानों को उदबोधन किया गया साथ ही किसानों को फसल बीमा के लिये जागरूक भी किया गया जिससे फसलो में होने वाले नुकसान से बचा जा सके जानकारी के अभाव में बहुत से किसान अपनी फसलो का बीमा नहीं करते है और बारिश, ओला या प्राकर्तिक आपदा होने पर उनको नुकशान उठाना पड़ता है।

किसान पाठशाला का आयोजन कर किसानों को फसल बीमा के लिये जागरूक किया जायेगा सभी ग्राम पंचायत मै फसल बीमा का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुराग पटेल जिला अधिकारी  द्वारा फसल बीमा के किसानों को सम्मानित भी किया गया। विजय कुमार उप कृषि निदेशक डॉ प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी राजीव आनंद, जिला अग्रणी प्रबंधक संदीप कुमार गौतम, जिला प्रबंधक नाबार्ड सीएससी जिला प्रबंधक मोहम्मद ज़की, ध्रुव कुमार, सीएससी जिला कोऑर्डिनेटर अनिल कुमार फसल बीमा जिला प्रबंधक अजीत शर्मा आदि उपस्थित रहे।

 


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