बांदा की आठ मुख्य खबरों को पढ़ें एक नजर में


अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ


व्यापारियों ने मनाई श्यामबिहारी मिश्र की पुण्यतिथि

बांदा। बुधवार को जिला उद्योग व्यापार मण्डल एवं बांदा उद्योग व्यापार मण्डल के तत्वाधान में व्यापार शिरोमणि परम श्रद्धेय पंडित श्याम बिहारी मिश्र की प्रथम पुण्य तिथि पर अनाथालय एवम वृद्धाश्रम में फल वितरण किया गया तथा वृंदावन गार्डेन, बांदा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस मौके पर प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्तोष गुप्ता, प्रदेश संयुक्त महामंत्री चारु चन्द्र खरे, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक गुप्त कल्पना, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवपूजन गुप्त, कमलेश गुप्त जिला महामंत्री, कल्लू राजपूत, नगर महामंत्री प्रेम गुप्त, वरिष्ठ मंत्री श्याम सुंदर गुप्त, महेश प्रजापति जिलाध्यक्ष गोरक्षा समिति , विनय गुप्त विक्की नगर मंत्री आदि व्यापारी उपस्थित रहे । इसी क्रम में बदौसा उद्योग व्यापार मण्डल एवम बबेरू उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा प्रथम पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।

यमुना में डूबे युवक का शव बरामद  

  • पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ागांव स्थित यमुना नदी में हुई घटना 
  • एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला 

पैलानी/बांदा। यमुना नदी नहाने गए जीजा-साले गहरे पानी में समा गए। वहां पर नहा रहे आसपास के लोगों ने साले को डूबने से बचा लिया, लेकिन जीजा गहरे पानी में समा गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों के माध्यम से उसकी खोजबीन कराई, लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार को इलाहाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने 28 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

जालौन जिले के गोहत थाना क्षेत्र के मड़ोरी गांव निवासी उदय सिंह (23) पुत्र राजपाल सिंह अपनी ससुराल पैलानी थाना क्षेत्र के बड़ागांव आया था। सोमवार को वह अपने छोटे साले चुन्नू और मनीष के साथ यमुना नदी नहाने गया हुआ था। नहाते समय पैर फिसल जाने से तीनो लोग पानी में डूबने लगे। तीनो लोगों को डूबता देख आसपास नहा रहे लोगों ने नदी में छलांग लगा दी। किसी तरह चुन्नू और मनीष को ग्रामीणों ने पानी से बाहर निकाल लिया। तब तक उदय सिंह लापता हो गया। 

घर पहुंचे चुन्नू और मनीष ने घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। मौके पर ग्रामीण और परिजन और पुलिस पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों के माध्यम से यमुना नदी में उदय की तलाश की गई, लेकिन पता नहीं चल पाया। मंगलवार को प्रयागराज से आई एनडीआरएफ की टीम ने करीब 28 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब एक बजे उदय का शव पानी से बाहर निकाला। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि मृतक की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। 

अचानक हुई इस घटना से पत्नी काजल समेत परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। एनडीआरएफ की टीम में मोहिउद्दीन, सत्येंद्र सिंह, शनि सिंह, संतोष कनौजिया, दिलीप विश्वकर्मा, आशीष राय, रवि प्रकाश मौर्य, राधाकृष्ण, नीरज सिंह, संजय यादव, शिवनाथ यादव, रोहन यादव, धर्मेन्द्र कुमार, अनिल कुमार सिंह, राहुल मणि आदि शामिल रहे।

सीएचसी का बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष ने किया निरीक्षण

  • निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे भाजपा नेता

बांदा। बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद के द्वारा निरीक्षण किया गया। इस मौके पर  बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष ने एक्सरे  रूम व  कोविड-19 के हो रहे टीकाकरण के बारे में ली जानकारी एवं सीएचसी में बनाए जा रहे निशुल्क आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने को लेकर भी जाकर किया मुआयना वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए गए पीकू और का भी लिया जायजा जिसमें सीएससी अधीक्षक डॉ ऋषिकेश सिंह से सीएचसी के बारे में ली विस्तृत जानकारी।

इस दौरान साथ में मौजूद रहे  डाक्टर रामनरेश पटेल व स्टाप के लोग भी रहे मौजूद एवम भाजपा के विधानसभा बबेरू के उम्मीदवार रहे अजय सिंह पटेल मंडल अध्यक्ष राजा दीक्षित व बच्चा सिंह मौजूद रहे। वही बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष के द्वारा बताया गया कि अस्पताल में ज्यादातर व्यवस्थाएं सही पाई गई हैं और जो भी कमियां हैं उनको मेरे द्वारा लिखा जाएगा जैसे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डाक्टर की तैनाती नहीं है और हड्डी विशेषज्ञ नहीं है जिसको मेरे द्वारा शासन से लिखकर मांग की जाएगा।

बीमारी से परेशान वृद्ध ने ट्रेन से कटकर दी जान

  • अतर्रा रेलवे स्टेशन के समीप हुई घटना 

बांदा। तकरीबन पांच वर्ष से बीमारी से परेशान वृद्ध ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। सुबह खेत से घर पहुंचे परिजनों ने देखा तो वृद्ध घर पर नहीं था। उसकी खोजबीन की गई तो उसका शव रेलवे स्टेशन के समीप ट्रैक पर पड़ा पाया गया। शव देखते ही घरवालों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार अतर्रा थाना क्षेत्र के नई दुनिया खम्हौरा गांव निवासी गरीबा वर्मा (70) पुत्र फदाली वर्मा सोमवार को घर में अकेला था। परिवार के अन्य लोग खलिहान गेहूं की फसल कतराने गए हुए थे। इसी बीच सूना मौका पाकर गरीबा घर से निकल आया और अतर्रा रेलवे स्टेशन के समीप कुम्हारन पुरवा के पास उसने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। 

सुबह खेत से घर पहुंचे परिजनों ने देखा तो गरीबा चारपाई पर नहीं था। उसकी खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। गरीबा का नाती कुलदीप रेलवे लाइन की तरफ खोजा हुआ पहुंचा। देखा तो गरीबा का शव ट्रैक के बीचो बीच कटा हुआ पड़ा था। शव देखते ही कुलदीप ने घरवालों को सूचना दी। खबर पाकर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र चुन्नू ने बताया कि गरीबा करीब पांच वर्ष से बीमार था। उसे कान से कम सुनाई देता था और पैरों से चल फिर नहीं पाता था। उसका इलाज कराया गया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसी से परेशान होकर गरीबा ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। मृतक के पांच पुत्र हैं। सभी लोग मेहनत मजदूरी करते हैं।

अचानक ट्रान्फार्मर में लगी, विद्युत आपूर्ति बाधित

  • फायर बिग्रेड ने बुझाई आग

बांदा। बुधवार को शहर के कालुकुआं क्षेत्र में लिटिल के पास 100 केवीए के ट्रांसफार्मर में आग लग गई। काफी देर तक यह ट्रांसफार्मर, धू-धू कर जलता रहा। जिसे बुझाने के लिए घंटों काफी देर बाद पहुंची फायर सर्विस की गाड़ी ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। ट्रान्सफार्मर में आग लगने से आस-पास के इलाकों की बिजली काफी देर तक गुल रही। शहर में आये दिन हो रही इस तरह की घटनाओं से शहर की बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। समय से विद्युत तारों की मरम्मत न होने जर्जर तार न बदले जाने से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। ज्यों-ज्यों गर्मी पड़ रही है वैसे ही बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। एक तरफ तो सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि जिले को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। 

वही रात रात भर बिजली गुल हो जाने से इस भीषण गर्मी में लोगों की रातों की नींद हराम हो गई है। बिजली जाने के बाद मच्छरों का हमला शुरू हो जाता है। जिससे नींद पूरी न होने से बड़ी संख्या में लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।साथ ही बिजली के अभाव में मच्छरों के हमले से नौनिहाल भी परेशान हो रहे हैं। बीती रात शहर के बाम्बैश्वर फीडर कई बार बंद हुआ जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। इसी तरह मढ़िया नाका, मुक्तिधाम, आवास विकास आजाद नगर आदि मोहल्लों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रही है।

भीषण गर्मी में विद्युत कटौती से लोग बेहाल

  • चुनाव से पहले नेताओं के बड़े-बड़े वादे बेकार

ओरन/बांदा। नगर व क्षेत्र में 12 से 14  घण्टे की अघोषित बिजली कटौती से कस्बे व ग्रामीण परेशान हैं। बिजली आधे घण्टे के लिए आकर दो-दो घण्टे नही आती, बिजली की आंख मिचौली के खेल से आमजन बेहाल है। रात में मच्छरों और दिन में 47 डिग्री के तापमान पर रहना पड़ रहा है। नगरवासियों को बमुश्किल 10 से 12 घण्टे व ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 घण्टे ही बिजली मिल पा रही है। वह भी आधे आधे घंटे रहने के बाद घण्टों बिजली नही आती है। मच्छरों के आतंक से रात भर जाग कर गुजरना पड़ रहा है। 

बिना बिजली भीषण में तपिश में छोटे छोटे बच्चे बेहाल हैं। नगर व क्षेत्र वासियों का कहना है कि मतदान के पहले नेताओं के बिजली के बारे में बड़े-बड़े वादे चुनाव बाद हवा हवाई साबित हो रहे हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार तथा समाजसेवी रमाकांत त्रिपाठी, श्रीकांत, वैदेही शरण, रफीक खान, राजेश शिवहरे, अफरीदी गुप्ता आदि ने जिलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों से बिना कटौती  बिजली आपूर्ति बहाल करने  की मांग की है।

प्रशासन की शह पर अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद

बबेरू/बांदा। कस्बे के सभी रोड़ों पर सड़क पर अतिक्रमण फैला हुआ है जिससे आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है  मेन चौराहे पर पुलिस ड्यूटी के बावजूद लगा रहता है लंबा जाम  हालमें ही बीते तीन सप्ताह पहले राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने एसडीएम दिनेश कुमार सिंह बबेरू को लिखित 7 सूत्री  ज्ञापन दिया था और मांग की थी जाम से निजात दिलाने के लिए बांदा रोड, कमासिन रोड, के बस स्टैंड को मेन चौराहे से हटाकर आगे बढ़ाया जाए, व ई रिक्शा चालकों का नंबरिंग किया जाए।

जिससे पता चले की यह ई रिक्शा इस आदमी का है और नाबालिग चालकों को ई रिक्शा चलाने का अनुमति ना दी जाये, जिससे दुर्घटनाएं भी बहुत कम होने लगेंगी, और जाम की समस्या से निजात भी मिल जाएगा। इस मौके पर सुधीर अग्रहरी अध्यक्ष, राजेश साहू जिला मंत्री, श्यामाचरण अग्रहरी जिला महामंत्री, अरविंद कसौधन जिला उपाध्यक्ष, पंकज गुप्ता नगर मंत्री, हिमांशु गुप्ता, नरेंद्र कुमार गुप्ता, श्री राम गुप्ता तहसील अध्यक्ष, संतोष गुप्ता, अखिलेश पाल, संतोष गुप्ता बालेंद्र जिला कोषाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।

खप्टिहा कलाँ में श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन भक्तों ने सुनी गौकर्ण और धुंधकारी की कथा 

पैलानी। खप्टिहा कलाँ के परमहंस श्री रणछोड दास इंटर कॉलेज के खेल मैदान में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आज बुधवार को कथावाचक श्री धरजंय दास जी महाराज ने गौकर्ण और धुंधकारी की कथा का रसपान कराया। कथावाचक ने कथा में बताया कि तुंगभद्रा नदी के तट पर आत्मदेव नामक एक व्यक्ति रहता था। उसकी पत्नी का नाम धुंधुली था। वह झगड़ालू किस्म की थी। संतान न होने के कारण पति परेशान रहता था। बुढ़ापे में संतान का मुख देखने को नहीं मिलेगा तो पिंडदान कौन करेगा।

कथावाचक ने आगे बताया कि वह आत्मदेव दुखी मन से आत्महत्या के लिए कुआं में कूदने वाला था तभी एक ऋषि ने उसे बचा लिया। ऋषि ने पूछा क्यों आत्महत्या करने जा रहे हो। इसके बाद ऋषि की बात को सुनकर आत्मदेव ने कहा ऋषिवर मेरे एक भी संतान नहीं है। इसके अलावा मैंने गाय पाल रखी है। गाय के भी संतान नहीं है। इस कारण आत्महत्या करने का कदम उठाया। यह सुनकर ऋषि ने अपने थैले से फल निकालकर कहा कि तुम यह फल अपनी पत्नी को खिला देना, इससे एक संतान की प्राप्ति होगी।घर जाकर आत्मदेव ने फल अपनी पत्नी को दिया, लेकिन पत्नी ने सोचा कि अगर गर्भवती वो गई तो 9 महीने तक कहीं आने-जाने का मौका नहीं मिलेगा।

अंतत: उसने फल को नहीं खाया। एक दिन उसकी बहन घर आई। उसने सभी किस्सा बहन को सुनाया। बहन ने कहा मैं गर्भवती हूं। प्रसव होने पर बच्चा तुम्हें दे दूंगी। तुम ये फल गाय को खिला दो। आत्मदेव की पत्नी ने अपनी बहन की बात में आकर फल गाय को खिला दिया। कुछ दिन के बाद धुंधुली को उसकी बहन ने बच्चा दे दिया। इसके बाद संतान को देखकर आत्मदेव बड़ा खुश हुआ। बच्चे का नाम एक विद्वान पंडित ने धुंधकारी रख दिया। इसके बाद गाय ने भी एक बच्चे को जन्म दिया जो मनुष्याकार था पर उसके कान गाय के समान थे। उसका नाम गोकर्ण रख दिया। श्री धरजंय दास जी महाराज ने आगे बताया कि गोकर्ण और धुंधकारी दोनों गुरुकुल गए। गुरुकुल में अपना कार्य खुद करना पड़ता है। इस बीच धुंधकारी नशेड़ी, चोर निकल गया। 

एक दिन उसने अपनी माता को मार डाला। पिता व्यथित होकर वन चले गए। धुंधकारी वेश्याओं के साथ रहने लगा। वेश्याओं ने एक दिन धुंधकारी को मार डाला। मरने के बाद धुंधकारी भूत-प्रेत बन गया। धुंधकारी का भाई अपने घर में सोया रहता था, तभी प्रेत धुंधकारी ने आवाज लगाई कि भाई मुझे इस योनि से छुड़ाओ। गौकर्ण त्रिकाल संध्या की पूजा करते थे। तभी सूर्यनारायण भगवान से पूछते हैं कि इसके लिए क्या उपाय करना पड़ेगा। सूर्यनारायण ने कहा कि तुम सात गांठ बांस मंगाओ और भागवत का आयोजन करो। हर दिन बांस की गांठ धीरे-धीरे फट जाती है, जो सात दिन फटती है। तब पवित्र होकर धुंधकारी एक दिव्य रूप धारण करके सामने खड़ा हो जाता है।

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