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अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ

अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करेंगे प्रभारी चिकित्सा अधिकारीः डीएम

  • अनुपस्थित चल रहे चिकित्सक की संविदा समाप्त करने के निर्देश
  • डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक

बांदा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करेंगे। उक्त निर्देश जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न बैठक में दिये जिसमें सर्वप्रथम विगत बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों की समीक्षा की गयी।
बैठक में अवगत कराया गया कि काशीराम कालोनी हरदौली घाट में डॉ0 आशुतोष बिना बताये अनुपस्थित चल रहे हैं जिसमें जिलाधिकारी के द्वारा संविदा समाप्त करने के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये। कोविड वैक्सीनेशन की समीक्षा के दौरान र्प्रीकाशन डोज में प्रगति खराब पायी गयी तथा वैक्सीनेशन 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जिसमें प्रगति खराब पायी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि उपरोक्त कार्यों में प्रगति लाई जाए अन्यथा की स्थित में सम्बन्धित की जिम्मेदारी होगी। 

इसी प्रकार 12 वर्ष से 14 वर्ष तक आयु वर्ग की समीक्षा की गयी जिसमें प्रगति बढाने के निर्देश दिये। नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान नरैनी, जसपुरा तथा तिन्दवारी प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टीकाकरण की स्थिति बहुत खराब पाई गई। जिसमें सम्बन्धित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्टीकरण दिये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान डॉ0 धीरेन्द्र के द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के सी0एच0सी0 एवं पी0एच0सी0 में जन सेवा केन्द्रों के द्वारा कार्य में लापरवाही की जा रही है, तो जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शीघ्र सूची बनाकर दी जाए तथा समस्त सी0एच0सी0 एवं पी0एच0सी0 में दी जा रही सभी सुविधाओं की रेट लिस्ट लगायी जाए जिससे जनता से कोई अनावश्यक वसूली न की जा सके। 

उन्होंने कहा कि मोबाइल नम्बर भी अंकित किया जाए जिससे शिकायत की जा सके। इसी प्रकार जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान नरैनी, महुआ, बिसण्डा की स्थिति खराब पाई गयी तथा नरैनी में तैनात महिला स्टाफ नर्स फूलमती को जो कार्य में लापरवाही किये जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल हटाये जाने के निर्देश दिये। आशा चयन की समीक्षा के दौरान पाया गया कि 38 आशाओं का चयन ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अभी तक नही किया गया जिनकों तत्काल चयन कर अवगत कराने के निर्देश दिये। आशा भुगतान की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कमासिन ब्लाक के एम0ओ0आई0सी0 के द्वारा आशाओं का पेमेन्ट नही किया गया जिनको शीघ्र पेमेन्ट करने के निर्देश दिये। 

इसी प्रकार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना, परिवार नियोजन, मिशन इन्द्रधनुश, आर0बी0एस0के0, आर0सी0एच0 पोर्टल में फीडिंग कम पाये जाने वाले को स्पष्टीकरण के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर0एन0प्रसाद, जिला अस्पताल महिला की अधीक्षिका सुनीता सिंह, जिला अस्पताल पुरूष अधीक्षक एस0एन0मिश्रा सम्बन्धित विभाग के डाक्टर सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

10 मई तक होंगे प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन

बांदा। उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिक प्रवेश परीक्षा 2022 (यूपीसीएटीईटी2022) उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। कुलसचिव प्रो0 एस0के0 सिंह ने बताया कि कृषि एवं संबंधित विषयों में स्नातक, परास्नातक तथा पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र भरे जाने की तिथि को बढ़ा दी गयी है। अभ्यर्थी अब इसे 10 मई 2022 रात्रि 12-00 बजे तक भर सकते हैं। पूर्व में यह तिथि 30 अप्रैल रखी गयी थी। प्रो0 सिंह बताया कि परीक्षा तिथि में अभी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित तिथि 16 व 17 जून 2022 को विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर सम्पन्न होगी। परीक्षा हेतु आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से कर सकते है। ऑनलाइन आवेदन हेतु अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन, लागिन कर आवेदन कर सकते है। आनलाइन आवेदन दिनांक 10 मई 2022 तक किये जा सकते है। आवेदन करने से पूर्व अभ्यर्थी परीक्षा अर्हता, शुल्क, सीटों की संख्या एवं अन्य विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना विवरणिका को डाउनलोड कर देख सकते हैं।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि यूपीकैटेट-2022 की परीक्षा प्रदेश के सभी चार कृषि विश्वविद्यालयों जैसे बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बादा, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर तथा सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी आर्हतानुसार आवेदन करके सुविधानुसार परीक्षा केन्द्रों का चयन कर प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। विशेष जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के वेबसाइट एवं प्रवेश परीक्षा के लिए बनाये गये विशेष वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं। 

निगेटिव विचारों को त्यागकर जिये खुशहाल जीवनः डा.हरदयाल

  • भागवत प्रसाद इण्टर कालेज में हुआ सुसाइड प्रीवेंशन कैंप का आयोजन

बांदा। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अनिल कुमार श्रीवास्तव के दिशा निर्देश पर भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी इंटर कालेज श्रीनाथ बिहार सर्वादय नगर बांदा में सुसाइड प्रीवेंशन कैंप का आयोजन किया गया।जिसमें जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के द्वारा बच्चों को शिक्षा, तनाव व चिंता के विषय में जानकारी दी गई। जिला चिकित्सालय से आए मनोरोग चिकित्सक डा. हरदयाल ने बताया कि जब कोई शख़्स आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगता है तो इस स्थिति को मनोचिकित्सक सुसाइडल आइडिएशन (आत्महत्या का ख्याल) कहते हैं। ज़रूरी नहीं है कि किसी एक वजह से ऐसा हो। विशेषज्ञों की राय में जब व्यक्ति को किसी मुश्किल से निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलता है, तो वो अपना जीवन ख़त्म करने के बारे में सोचता है। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित लक्षण होते हैं अवसाद मानसिक स्थिति का एकसमान नहीं रहना।

बेचौनी और घबराहट का होना।जिस चीज़ में पहले खुशी मिलती थी, अब उसमें दिलचस्पी ना होना।हमेशा निगेटिव बातों का आना।भविष्य को लेकर निगेटिव दृष्टिकोण का होना। इससे बचने के लिए उन्होंने बताया कि यदि इस प्रकार के विचार आएं तो काउंसलिंग का सहारा ले वा मनोरोग चिकित्सक को जाकर जरूर दिखाएं ।अपने माता पिता वह मित्रों से भी लगातार अपने मन के विचारों को कहें। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ रिजवाना हाशमी ने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बताया कि तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है यदि कुछ समझ में नहीं आता तो शिक्षकों से पूछें घर में माता-पिता से समझे किसी प्रकार की कोई चिंता है तो पारिवारिक सलाह जरूर लें। यदि अंजाना डर य साया समझ में आए तो वह भी मानसिक रोग के अंतर्गत आता है उसके लिए आप जिला चिकित्सालय पुरुष में ओपीडी  संख्या 4,5,6 में जा कर दिखा सकते हैं।

अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 15 से 19 साल के युवाओं के बीच मौत की चौथी सबसे बड़ी वजह आत्महत्या है 2019 में आत्महत्या करने वाले 77 प्रतिशत लोग निम्न और मध्य आय वर्ग वाले देशों के थे। यदि पढ़ाई कहीं पर भी समझ में नहीं आती या परीक्षा के समय तनाव रहता है किसी प्रकार की चिंता बनी हुई है तो उससे बचने के लिए प्रातः योग का सहारा जरूर लें जिसमें अनुलोम विलोम कपालभाति भ्रामरी प्राणायाम करें तथा उन्होंने कुछ क्रियाएं भी बताई। 

कॉलेज के मैनेजर श्री राम लखन कुशवाहा  ने आई हुई जिला मानसिक स्वास्थ्य की टीम का आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी कार्य शालाओं के लिए पुनः आने का निमंत्रण दिया ताकि शिक्षा के साथ बच्चों को मानसिक मजबूती भी प्राप्त हो सके। डायरेक्टर श्रीमती संध्या कुशवाहा ने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अपने चारों तरफ होने वाली गतिविधियों पर भी ध्यान रखने की सलाह दी व पूरी टीम का सम्मान ज्ञापित किया ।शिविर में सहायक अशोक कुमार ने बच्चों को पंपलेट बांटकर उन्हें जागरूक किया। टीम द्वारा बच्चों से मानसिक स्वास्थ्य के विषय में प्रश्न पूछ कर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।

सेन्ट जार्ज स्कूल बांदा में पुलिस की पाठशाला का आयोजन

  • मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत हुआ आयोजन
  • नुक्कड़ नाटक एवं रंगमंच के माध्यम से छात्राओं को किया जागरूक

बांदा। शनिवार को शासन द्वारा महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रमों एवं विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों के बारे में जानकारी दी गई। यह आयोजन क्षेत्राधिकारी की अध्यक्षता में सेन्ट जार्ज स्कूल में किया गया। शनिवार को महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण हेतु चलाये जा रहे अभियान मिशन शक्ति के अन्तर्गत जनपद बांदा में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के कुशल निर्देशन में जनपद में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी के तहत क्षेत्राधिकारी नगर राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सेन्ट जार्ज स्कूल कोतवाली नगर बांदा में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी संगीत सिंह, विद्यालय की प्राचार्य व शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटकों एवं रंगमंच के माध्यम से छात्राओं को शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी साथ ही उन्हे विभिन्न हेल्पालाइन नम्बरों जैसे डायल-112, वीमेन पावर लाइन-1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, एम्बुलेंस सेवा-108 आदि के बारे में जानकारी दी गई तथा इनका उपयोग करने के बारे में भी सिखलाई दी गई। विद्यालय की छात्राओं द्वारा नारी सशक्तीकरण पर नृत्य और कविता पाठ प्रस्तुत किया गया।

न्याय पंचायत स्तर पर सक्रिय की जायें बाढ़ समितियांः डीएम

  • डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई स्टेयरिंग ग्रुप की बैठक

बांदा। बाढ से होने वाली अपार क्षति से जन समुदाय को बचाने हेतु शासन के आदेशानुसार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्टेयरिंग ग्रुप की बैठक कलेक्ट्रेट सभ्भागार में सम्पन्न हुई। जैसा की सभी को ज्ञात होगा कि जनपद को विंध्याचल श्रेणी से निकलने वाली नदियों के कारण भीषण बाढ प्रकोप का सामना प्रतिवर्ष करना पडता है। जनपद में पडने वाली यमुना, केन तथा बागै नदी से अधिकांशतया जल प्लावन की स्थित उत्पन्न होती है। आगामी बाढ को दृष्टिगत रखते हुए आज समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कमेटी के सदस्यों एवं समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील, ब्लाक तथा न्याय पंचायत स्तरों पर जो बाढ समितियां गठित है उन्हें सक्रिय करा लिया जाए एवं बाढ से सम्बन्धित बैठकें सुनिश्चित करा लें। नॉवों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा नाविकों के नाम, पते व मोबाइल नम्बरों सहित सूची बना लें। इसके अतिरिक्त गोताखोंरो को चिन्हीकरण करके नाम, पते व मोबाइल नम्बर व सूचीबद्ध कर लें।

समस्त तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि बाढ चौकियों का सत्यापन मौके पर लेखपालों के माध्यम से कराया लिया जाए यदि चौकियों को बढाने की आवश्यकता हो तो बढा ली जायें। इसकी सूचना बाढ नियंत्रण कक्ष एवं प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा को दिया जाए। अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखण्ड बांदा को निर्देशित किया गया कि वर्षा के पूर्व बांधों के फाटकों को ठीक कराया जाए तथा तटबन्धों की मरम्मत, नहरों की सफाई तथा नहर पटरियों को ठीक कराया जाए। आगामी बाढ के दौरान नदी के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली कटानों की रोकथाम हेतु सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार अधिशाषी अभियंता केन नहर प्रखण्ड बांदा को निर्देशित किया कि कन्ट्रोल रूम की स्थापना करा ली जाए। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण को निर्देशित किया गया कि बाढ प्रभावित क्षेत्रों पर विद्युत लाइन को ठीक करायें तथा उनकी तार लूजिंग को भी ठीक करायें। बाढ के समय जल भराव वाले क्षेत्रों से तत्काल विद्युत विक्षेदन की व्यवस्था ठीक कर ली जाए।

अधिशासी अभियंता जल निगम एवं जल संस्थान को निर्देशित किया कि बाढ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें और हैण्डपम्पों के जल की जांच एवं उन्हें ठीक कराकर पीने योग्य पानी की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि समस्त स्थानीय निकायों में वर्षा के पूर्व नाले एवं नालियों की सफाई करा ली जाए तथा कूडे के ढेरों को तत्काल हटाने की व्यवस्था की जाए। बाढ चौकियों पर सफाई एवं प्रकाश की व्यवस्था की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ के समय एवं बाढ के उपरान्त आवश्यक टीकाकरण एवं कीटनाशक दवाईयों का छिडकाव करायें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि पशुओं के चारे-भूसे एवं टीकाकरण की व्यवस्था कर लें।

जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ चौकियों पर उचित दर विक्रेताओं को सम्बद्ध करें। बाढ के समय लाई, चना, गुड माचिस आदि का स्टाक चिन्हित कर सुनिश्चित करें। मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल भी सुरक्षित रखें। पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक बाढ चौकी एवं प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की व्यवस्था करें। बाढ की सूचनाओं एवं नदियों की दैनिक गेज के आदान प्रदान हेतु वायरलेस सेट लगाने की तैयारी कर ली जाए। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि कृषि फार्मों में पर्याप्त मात्रा में भूसा एकत्रित करा लें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 उमाकान्त त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /उप जिलाधिकारी सदर सुधीर कुमार, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता केन कैनाल कौशिक सहित सम्बन्धित कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

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