सग़ीर ए ख़ाकसार
देश में महिलाएं हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, या चिकित्सा का या फिर कोई अन्य क्षेत्र। महिलाओं ने हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है। पहले वो घर की चहारदीवारी में कैद थीं लेकिन अब उनके उड़ने के लिए मानो आसमान भी कम पड़ता जा रहा है। जी, हाँ! हम बात कर रहे हैं कर्नाटक की एक ऐसी महिला का जिन्होंने अपनी प्रतिभा, लगन और कड़ी मेहनत से अपने दम पर मुकाम हासिल कर मिसाल कायम किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ अमीना यास्मीन ने यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन में पीएचडी कर नया कीर्तिमान बनाया है साथ ही यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन अंतर्गत फॉर्मोकोलॉजी में पीएचडी करने वाली कर्नाटक और देश की पहली महिला होने का गौरव भी हासिल किया है।
डॉ अमीना यास्मीन को राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड साइंस, जयनगर, कर्नाटक के 24 वें कन्वोकेशन में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री से नवाजा गया है। डॉ अमीना ने यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन में पीएचडी कर नया कीर्तिमान बनाया है साथ ही यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन अंतर्गत फॉर्मोकोलॉजी में पीएचडी करने वाली कर्नाटक और भारत की पहली महिला होने का गौरव भी हासिल किया है।
डॉ अमीना तालीमी बेदारी से भी जुड़ी हैं। डॉ अमीना ने यह अद्धभुत सफलता कड़ी मेहनत से हसिल की है। डॉ अमीना यास्मीन पढ़ने में शुरू से ही बहुत प्रतिभाशाली थीं। पढाई के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती रही हैं। बीयूएमएस की पढ़ाई के दौरान भी वो टॉपर रही हैं। फिलहाल इस वक्त वो गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल, बैंगलोर में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और एलमुल एडविया फॉर्मोकोलॉजी डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष हैं।
डॉ नवीद अहमद कहते हैं डॉ अमीना जैसी महिलाएं अंधेरे में उम्मीद की किरण हैं। आज जब मुस्लिम समाज और खासतौर पर महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे हैं। डॉ अमीना महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन गयी हैं। डॉ राफिया बेगम, पूर्व उपनिदेशक, यूनानी डिपार्टमेंट आयुष(बैंगलोर) उन्हें मुबारक़बाद देते हुए कहती हैं कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में सफलता के नए नए कीर्तिमान हर रोज़ स्थापित कर रही हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ अमीना यास्मीन की उपलब्धि बेमिसाल है।
इनकी इस अप्रत्याशित सफलता पर इन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। प्रो. मुश्ताक अहमद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आल इंडिया तिब्बी कांग्रेस, दिल्ली, डॉ उज़्मा नाहिद, डॉ ज़ियाउद्दीन, डॉ रहमतुल्लाह, डॉ रूही ज़मन, डॉ मुमताज़ फैसल, डॉ सलमा बानो, डॉ अस्फिया खलील के अलावा तालीमी बेदारी के शमीम अख्तर, डॉ वसीम अख्तर, निहाल अहमद, सग़ीर ए ख़ाकसार, हिसामुद्दीन अंसारी, कनीज़ फातिमा, हुमा शाह, अंसार खान, डॉ एहसान, आदि ने भी मुबारक़बाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


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