उपभोक्ता आयोग ने यूनाइटेड इंडिया पर ठोंका आठ हजार जुर्माना

बीमा क्लेम के रूप में 4.36 लाख ब्याज सहित अदा करने के आदेश

आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक माह की मोहलत दी गई

बांदा। जिला उपभोक्ता संरक्षण कानून के अन्तर्गत बांदा शहर स्वराज कालोनी  निवासी अनिल कुमार श्रीवास्तव पुत्र हर प्रसाद ने जुलाई 2017में शाखा प्रबंधक यूनाइटेड  इंडिया इंश्यो पोली कोठी बांदा को पक्ष कार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनके चोरी गए वाहन संख्या यूपी 90 एच 0717 बोलेरे एसएलएक्स चोरी चला गया। चोरी के समय वाहन बीमित था। परिवादी द्वारा यह शिकायत विपक्षी यूनाइटेड इं दायर किया था की चोरी गए वाहन का क्लेम सेटलमेंट न देकर सेवा में कमी की गई है जो की अनुचित व्यापारिक सेवा के अंतर्गत आता है। रीडर न्यायालय स्वतंत्र रावत ने बताया कि विपक्षी को नोटिस जारी किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि परिवादी के द्वारा बीमा कंपनी की शर्ता का उल्लंघन किया गया है और इस प्रकार कोई क्लेम पाने का अधिकारी नहीं है।

जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने दोनो पक्षों के विद्वान अधिवक्ता की बहस सुनी। फाइल का अध्ययन किया। आदेश जारी किया गया कि परिवादी का वाद आंशिक तौर पर स्वीकार किया जाता है विपक्षी यूनाइटेड इंडिया वाहन की बीमित राशि 436000 और उसपर मुकदमा दायर करने की तिथि से अदायगी तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करे। साथ ही उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी एक माह के अंदर परिवादी को 5000 मानसिक तनाव के लिए और 3000 मुकदमा दायर करने पर हुए खर्च के लिए भी अदा करे। आयोग द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त होने पर परिवादी निर्णित धनराशि वसूल करने के लिए स्वतंत्र हैं।



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