Banda News : सूर्य नमस्कार से शरीर में होता है नयी सकारात्मक ऊर्जा का संचार



  • राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन

अतर्रा (बाँदा)। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजकीय इंजीनियरिंग कालेज बाँदा में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियां ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। सूर्य नमस्कार की समस्त बारह स्थितियों को करके सिखाया गया एवं सूर्य नमस्कार के लाभों के बारे में जानकारी दी गयी। इस अवसर पर संस्थान के समस्त शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों ने नियमित सूर्य नमस्कार करने का संकल्प लिया। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बाँदा द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ के दृष्टिगत सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के अकादमिक भवन में किया गया। संस्थान के प्रबल कुमार द्वारा सभी के समक्ष सूर्य नमस्कार की बारह स्थितियों का प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने बताया कि जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं उनकी आयु, बुद्धि, बल और तेज में वृद्धि होती है। सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। सूर्य नमस्कार सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। यह प्रत्येक आयु वर्ग के मनुष्यों के लिये लाभदायक है। सूर्य नमस्कार में क्रमशः प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, उत्तानासन, अश्व संचालनासन, चतुरंग दंडासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, अधोमुक्त श्वानासन, अश्व संचालनासन, उत्तानासन, हस्त उत्तानासन एवं प्रणामासन समेत बारह स्थितियां हैं। सूर्य नमस्कार से समस्त श्वास रोग दूर होते हैं तथा शरीर निरोग रहता है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बाँदा के निदेशक प्रोफेसर एस0पी0 शुक्ल ने स्वास्थ्य प्रेरक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के आयोजन के प्रति हर्ष व्यक्त करते हुये कहा कि अपने स्वास्थ्य के प्रति हम सभी को जागरूक रहना चाहिये, यही मनुष्य का प्रथम कर्तव्य है। सूर्य नमस्कार छात्र-छात्राओं की स्मरणशक्ति एवं ज्ञानार्जन में वृद्धि के लिये अत्यन्त लाभदायक है। 

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुये सूर्य नमस्कार हमारे लिये अत्यधिक उपयोगी सिद्ध हो रहा है। सूर्य नमस्कार करने से श्वास संबंधी रोग नहीं होते हैं। सूर्य नमस्कार से शरीर में एक नयी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने सूर्य नमस्कार को प्रतिदिन करने हेतु सभी को प्रेरित किया। संस्थान के कुलसचिव डा0 आशुतोष तिवारी ने सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के प्रति हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। सूर्य नमस्कार को प्रतिदिन करने से हमारे जीवन में निश्चित ही एक नया परिवर्तन आयेगा। वर्तमान की व्यस्ततम जीवन शैली में हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिये एवं सूर्य नमस्कार को अपनी प्रतिदिन की जीवनशैली में अपनाना चाहिये। यह शिक्षकों, छात्र-छात्राओं सभी के लिये महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों ने सूर्य नमस्कार करके सीखा तथा प्रतिदिन इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

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