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| अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ |
गर्मियों के दिनों में होती है तालाबों की अतिआवश्यकताः ओममणि वर्मा
- विश्वपृथ्वी दिवस पर जिले में 75 तालाबों व तीन नदियों में चला सफाई अभियान
- जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान
बांदा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत आज विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जनपद के 75 तालाबों एवं 03 नदियों (गहरार, चन्द्रावल, गडरा) की सफाई, खुदाई का कार्य जल संचयन हेतु एक अभियान के रूप में प्रारम्भ किया गया है । आज जनपद के सभी 75 तालाबो व 03 नदियों में जनपद के एक-एक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि द्वारा सफाई व खुदाई का कार्य किया गया है। जिसके क्रम में विकास खण्ड नरैनी की ग्राम पंचायत बिल्हरका की गहरार नदी में अनुराग पटेल, जिलाधिकारी के साथ विधायक नरैनी श्रीमती ओममणि वर्मा, ब्लाक प्रमुख विकास खण्ड नरैनी मनफूल पटेल, वेद प्रकाश मौर्य मुख्य विकास अधिकारी, राघवेन्द्र तिवारी, उपायुक्त मनरेगा, प्रकाश प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी, नरैनी, प्रमोद मिश्रा, सहायक अभियन्ता, लघु सिचाई व 05 ग्राम पंचायत व 09 मजरो से ग्रामीण एवं मनरेगा के लगभग 250 मजदूरो द्वारा गहरार नदी की खुदाई/सफाई की गई और सिर पर डलिया में मिट्टी लेकर भीठे पर डाली गई।
गहरार नदी मध्य प्रदेश के जनपद पन्ना से निकली है जिसकी लम्बाई लगभग 21 किमी0 है। यह नदी वर्तमान में सूख चुकी है जिसकी खुदाई कर पुर्नजीवित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्यकम में विधायक नरैनी श्रीमती ओममणि वर्मा ने कहा कि गर्मी के मौसम में पशुओं, पक्षियों एवं जनता के लिए पानी ज्यादा समस्या रहती है, जिसके निदान हेतु तालाब, नदी, पोखरों आदि की खुदाई का कार्य कर उन्हे पुर्नजीवित किये जाने की मुहिम जिलाधिकारी द्वारा चलायी जा रही है जिसमें ग्रामवासियों की जन सहभागिता एवं जिलाधिकारी द्वारा चलायी गयी पहल अत्यन्त सराहनीय है। इसी प्रकार जिलाधिकारी अनुराग पटेल द्वारा विकास खण्ड बडोखर खुर्द के ग्राम पंचायत मटौंध ग्रामीण में मरौली तालाब/झील (परमापुरवा) में ब्लाक प्रमुख स्वर्ण सिंह सोनू के साथ विधि-विधान पूजन कर तालाब/झील की खुदाई की गई तथा श्रमदान कर सर में डलिया रख तालाब के भीटा तक लाकर मिट्टी डाली गई। उक्त तालाब/झील लगभग 122 बीघा की है।
जिलाधिकारी बॉंदा के साथ वेदप्रकाश मौर्य मुख्य विकास अधिकारी बॉंदा, राघुवेन्द्र तिवारी, उपायुक्त मनरेगा, अजय कुमार पाण्डेय, खण्ड विकास अधिकारी, बडोखरखुर्द, पुष्पक, तहसीलदार बांदा, प्रमोद मिश्रा, सहायक अभियन्ता, लघु सिचाई व आस-पास ग्राम पंचायतों के प्रधान व ग्रामवासियों ने भी स्वेच्छा पूर्वक श्रमदान किया एवं मनरेगा के लगभग-300 मजदूरो द्वारा खुदाई की गई है। जिलाधिकारी बॉंदा ने ‘‘जल संचय-जीवन संचय’’ अभियान के अन्तर्गत आज विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर तथा आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अन्तर्गत प्रधानमंत्री ने कहा है कि संसदीय क्षेत्रों में अमृत सरोवर बनाये जायें। उन्ही से प्रेरणा लेकर आज जनपद के 75 तालाबों को अमृत सरोवर बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सभी को अभियान के सहयोग के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जैसे कि सभी जानते हैं कि बुन्देलखण्ड में गर्मी के मौसम में पानी की समस्या रहती है इसलिए सभी को जल संचयन की ज्यादा आवश्यकता है। यदि तालाब, पोखर, नदियों में पर्याप्त जल होगा तो पृथ्वी पर नमी बनी रहेगी और पानी की समस्या से निजात मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना इसी उद्देश्य से की गयी है कि खेत का पानी खेत पर रहे ताकि सिंचाई की समस्या का निदान हो सके, क्योंकि भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट हो रही जो चिंता का विषय है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा चलायी गयी योजना से प्रेरणा लेकर पूरे जनपद में तालाब एवं नदियों की सफाई का कार्य प्रारम्भ कराया गया है ताकि वर्षा का पानी संचयन कर तालाबों, नदियों में बराबर जल भराव बना रहे तथा गर्मी के मौसम में किसी के लिए भी पानी की समस्या न हो। उन्होंने कहा कि बडी नदियां आज छोटे नालों का रूप ले रही हैं इसलिए हम सभी को मिलकर उनकी साफ-सफाई कर नदियों को फिर पुराने स्वरूप में लाना है, जिसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि श्रमदान बहुत बडा दान है जिससे बडी से बडी सफलता हासिल की जा सकती है।
मरौली झील की खुदाई एवं सफाई का कार्य कर पुराने स्वरूप में लाना है ताकि लोग इस झील पर भ्रमण कर आनन्द उठा सके तथा पशुओं-पक्षियों के लिए जल बिहार की सुविधा हो सकेगी तथा भूमिगत जल स्तर में भी सुधार हो सकेगा और जनपद हमारा पानीदार बन सकेगा। ब्लाक प्रमुख स्वर्ण सिंह सोनू ने कहा कि बडे ही सौभाग्य की बात है जो कि हमारे जनपद को ऐसे कर्मठ, मेहनती जिलाधिकारी मिले हैं जो लगातार शासन की योजनाओं को धरातल पर गरीब तबके के व्यक्तियों को अभियान चलाकर अच्छादित कराने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्वयं श्रमदान करते हैं इसके बाद अपने अधिकारियों से करवाते हैं। उन्होंने जिला प्रसाशन की समस्त टीम को बधाई दिया और कहा कि खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत आज तालाब खुदवाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खेत तालाब योजना का शुभारम्भ किया था जिससे प्रदेश के समस्त किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हमेशा से प्रयास करती आ रही है हमारी सरकार।
उन्होंने कहा कि जो कृषक भाई खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत अपने खेतों के आस-पास तालाब बनाकर रहेंगे उन्हें राज्य सरकार की ओर से अनुदान प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरूआत करने का मुख्य उद्देश्य है कि वर्षा का पानी जमा कर किसानों की खेती में सिचांई की मात्रा को बढावा देना। इससे किसानों को दोनो तरफ से लाभ प्राप्त होगा। जल शक्ति राज्य मंत्री रामेकश निषाद की गरिमामायी उपस्थिति में जनपद के विकास खण्ड जसपुरा की 03 ग्राम पंचायतों में प्रवाहित होने वाली जीवनदायिनी चन्द्रावल नदी के पुर्नजीवित करने के कार्य का शुभारम्भ मंत्री द्वारा नदी पूजन करने के पश्चात फावडा चलाकर खुदाई करते हुये किया गया। इस नदी की जनपद बॉंदा में लम्बाई 19.08 किमी0 है। मौके पर राघवेन्द्र तिवारी, उपायुक्त मनेरगा, प्रकाश प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी, जसपुरा, क्षेत्र पंचायत जसपुरा प्रमुख प्रतिनिधि महेश, जिला पंचायत सदस्य श्वेता गौर एवं गयाप्रसाद, ग्राम प्रधान गडारिया, लीला निषाद, ग्राम प्रधान जसपुरा अन्य आस-पास के ग्राम पंचायतों के निवासीगण उपस्थित थे।
इस कार्य में आज ग्राम गडरिया के लगभग-100 महिला पुरूष श्रमिक उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री द्वारा भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की जल संचयन सम्बन्धी योजनाओ की चर्चा करते हुये जिलाधिकारी अनुराग पटेल की पहल की तरीफ की एवं यह विश्वास व्यक्त किया कि उनकी टीम ईमानदारी से काम करते हुये शासन के इस प्राथमिकता वाले कार्यक्रम को समय से पूरा करने में पूरा प्रयास करेगी। जनपद के विकास खण्ड महुआ की 11 ग्राम पंचायत में श्रीमती ओममणि वर्मा विधायक नरैनी की उपस्थिति में गडरा नदी की सफाई का काम प्रारम्भ किया गया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी संजीव कुमार बघेल, जिला आबकारी अधिकारी संतोष कुमार एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे तथा भारी संख्या में 644 श्रमिको के द्वारा कार्य किया गया।
जल संचय जीवन संचय अभियान में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने किया श्रम दान
पैलानी/बांदा। पैलानी तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में आज शुक्रवार को प्रदेश सरकार के द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जल संचय जीवन संचय अभियान की शुरुआत की गई जिसमें राज्यमंत्री सहित जिले एवं तहसील के अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मे श्रम दान करके अलग-अलग तालाबों को गोद लेकर उनको जीर्णाद्वार का बीड़ा उठाया। गड़रिया में राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने अपने गोद लिए तालाब की साफ सफाई और सुंदरीकरण के कार्य की शुरुआत करते हुए कहा कि जल संचय जीवन संचय अभियान का मुख्य उद्देश्य तालाबों की साफ सफाई सुंदरीकरण के साथ ही अतिक्रमण को हटाना और तालाबों में साफ एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जिससे जल स्तर ठीक रहे। और ग्रामीण उस तालाब के पानी का उपयोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कर सकें।
जसपुरा के संधू तालाब को गोद लेकर तालाब की सुंदरीकरण करवा रही पैलानी की उपजिलाधिकारी सुरभि शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के द्वारा जल संचय जीवन संचय अभियान के अंतर्गत सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एक एक तालाब को गोद लेकर उसके सुंदरीकरण के लिए काम कर रहे हैं। पैलानी के तहसीलदार तिमराज सिंह ने तहसील क्षेत्र के सिन्धनकला गांव के मजरा पण्डवनडेरा में अपने गोद लिया तालाब के सुंदरीकरण के लिये फावड़े से काफी देर तक खोदने के बाद उसकी मिट्टी को भी डाला। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य स्वेता सिंह गौर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि गया प्रसाद निषाद एडवोकेट ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि महेश कुमार निषाद युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष चंद्र देव तिवारी ग्राम प्रधान गड़रिया खंड विकास अधिकारी जसपुरा राज बहादुर सिंह भाजपा नेता सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी की सुरक्षा पर हुआ मंथन
- भागवत प्रसाद मेमोरियल अकादमी में मनाया गया विश्व पृथ्वी दिवस
बांदा। भागवत प्रसाद मेमोरियल अकादमी में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया। विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में एक अनोखे ढंग से विद्यार्थियों ने समाज को संदेश दिया। कार्यक्रम को दो भागों में बांटा गया। प्रथम सत्र में समस्त विद्यार्थियों को पृथ्वी की महत्ता, उसकी सुरक्षा तथा उसके संरक्षण के लिए विभिन्न जानकारियां दी गईं। इसमें अध्यापक तथा अध्यापिकाओं ने अपने-अपने विचारों को विद्यार्थियों तथा समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा तथा पौधों के संरक्षण का प्रण लेते हुए पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया।
प्रोफेसर डा. मोनिका मेहरोत्रा ने विद्यार्थियों को पृथ्वी पर मंडराते संकट के बारे में जानकारी दी, उसके समाधान के लिए अपने विचारों को साझा किया। निर्देशिका संध्या कुशवाहा ने विद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण के विषय में चलाए जा रहे प्रयासों की सराहना की। दूसरे सत्र में ह्यूमेंनीटीस विभाग के भूगोल के विद्यार्थियों ने पृथ्वी दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाने का प्रण किया तथा पृथ्वी को संसाधनों पूर्ण बनाने के लिए इस वर्ष की थीम इन्वेस्ट इन अवर प्लेनेट पर जोर देते हुए कार्यक्रम को संचालित किया। विभाग के अध्यापक डा. महेश सिंह ने पृथ्वी दिवस की महत्ता पर अपना ज्ञान साझा किया। विद्यालय के नामित चेयरमैन अंकित कुशवाहा ने विद्यार्थियों के प्रयासों को सराहा।
संधू तालाब का हुआ भूमि पूजन
बांदा। शुक्रवार की सुबह ग्राम पंचायत जसपुरा में ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि की अध्यक्षता में संधू तालाब का उद्घाटन हुआ जिसमे एसडीएम पैलानी व ग्राम प्रधान श्रीमती सुनीता सिंह ने इस अवसर पर सभी ने मिट्टी डालकर कार्य की शुरुआत की। जिसमे पूर्व मंडल अध्यक्ष राजबहादुर सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद मोहन शर्मा अंकित तिवारी मण्डल उपाध्यक्ष भाजपा, चंद्रदेव तिवारी मण्डल अध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा, व अन्न गणमान्य व्यक्तियों का रहना हुआ।
पौधे लगाकर पृथ्वी को संरक्षित करने का लें संकल्प
- विश्व पृथ्वी दिवस पर गोयरा गांव में हुई गोष्ठी
बांदा। हर पौधे की अपनी खासियत होती है। कोई फल देकर मानव जाति के लिए भोजन की व्यवस्था करता है तो कई पौधे औषधीय रूप में इंसान के काम आते हैं। इतना ही नहीं, हमारे लिए ऑक्सीजन का उत्सर्जन भी करते हैं। पौधों को हर हाल में संरक्षित रखना होगा। धरती की सुरक्षा कवच के साथ छेड़छाड़ का नतीजा ही है कि कहीं सूखा कहीं बाढ़ जैसी विपदा बनी हुई है। यब बातें जन शिक्षण संस्थान द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस पर गोयरा मुगली गांव में गोष्ठी में अनुदेशक फरजाना खान ने कहीं। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी में आक्सीजन की जरूरत लोगों को समझ में आई। बुंदेलखंड में लगातार खनन हो रहा है। इससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। धरती को सुंदर बनाने के लिए इसे हरा-भरा रखना होगा। इसके लिए पौधे लगाने होंगे। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक नरगिस ने कहा कि गमलों में भी छोटे पौधे लगाएं।
शहरों में पर्यावरण प्रदूषण के चलते शुद्ध हवा तक नहीं मिल पाती। कमरे, छज्जे या छत पर गमले में छोटे पौधे लगाकर अपने आसपास हरियाली को बढ़ावा दें। सजावट वाले छोटे पौधों को लगाने से घरों की सुंदरता के साथ पर्यावरण भी शुद्ध होता है। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। पर्यावरण को सुरक्षित व स्वच्छ रखने के लिए पौधारोपण करना होगा। संस्था की तरन्नुम खान ने कहा कि धरती हर वस्तु की अनंत स्त्रोत है, लेकिन उस अनंत स्त्रोत को बनाए रखने की ताकत सिर्फ पेड़ पौधों में है। इस मौके पर प्रधानाध्याक कृष्णकांती, शिक्षक अकरम, सदफ, शिवदास, कोटेदार फिरोज सहित गांव की सादमा, रूकइया, गुड़िया, नाजरीन, शबाना, रानी, अदीबा, गुलफ्शां इत्यादि मौजूद रहीं।
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