जच्चा-बच्चा केंद्र में सास-बेटा-बहू सम्मेलन का आयोजन किया गया
अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ
जसपुरा/बांदा। गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा के अंतर्गत जसपुरा कस्बे में स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र में सास, बहू-बेटा सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें यूनिसेफ की मदद से आयोजित सम्मेलन में 10 से अधिक परिवारों के सास, बेटा और बहू ने हिस्सा लिया। एएनएम सुनीता साहू ने बताया कि सास, बेटा-बहू सम्मेलन का उद्देश्य सास-बहू और बेटे के मध्य समन्वय और संवाद को उनके पारस्परिक अनुभवों के आधार पर बेहतर बनाना है। जसपुरा सीएचसी अधीक्षक डा. पवन पटेल ने बताया कि आशा और एएनएम परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहीं हैं। इस मौके पर रुमा,प्राप्ती,मोना सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
असिस्टेंट प्रोफेसर बनी शताक्षी सिंह
बांदा। डीएवी इण्टर कालेज के अंग्रेजी विषय के पूर्व प्रवक्ता दिनेश सिंह की पुत्री कु. शताक्षी सिंह का चयन उप्र उच्च शिक्षा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर पद हुआ है। उन्होंने सफलता प्राप्त कर बुन्देलखण्ड के साथ-साथ बांदा जनपद का नाम रोशन किया है। उनके चयन के बाद उनके परिजनां में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सरकारी धन के गबन में फंसे एडीपीआरओ और सचिव
- न्यायालय के आदेश पर दर्ज होगा सरकारी धन के गबन का मुकदमा
बांदा। सरकारी धन का बंदरबांट व दुरुपयोग करने को लेकर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी मो. कमरुज्जमा खान की अदालत ने धारा 156 (3) के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए तीन के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है। जिसमें एडीपीआरओ व सचिव भी शामिल हैं। इस मामले में थानाध्यक्ष अतर्रा को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने को कहा गया है। विद्याधाम समिति के सचिव राजा भइया ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि नरैनी ब्लॉक के ग्राम पंचायत अतर्रा ग्रामीण में सचिव मुकेश कुमार ने वर्ष 2021-22 में फर्जी कार्य दिखाकर 70 लाख रुपये का गबन कर लिया।
वहीं, मजदूरी का करीब 7.88 लाख 956 रुपये मजदूरों को न देकर अपने निजी खाते में डाल लिया। इसी प्रकार सचिव ने राधा ट्रेडर्स नामक फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए 56 लाख चार हजार 81 रुपये का फर्जी भुगतान किया। यही नहीं सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर 99 हजार रुपये के फोटो स्टेट कापी कराने का पैसा निकालकर निजी खाते में डाल लिया। हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 6 लाख 8 हजार 800 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया। विद्याधाम समिति संस्था के कार्यकर्ता बदौसा के हड़हा माफी निवासी विजय बहादुर ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी की अदालत में दो जून 2022 को प्रार्थना पत्र दिया था।
जिसमे विकास खंड नरैनी सचिव मुकेश कुमार तिवारी व एडीपीआरओ रमेश कुमार गुप्ता और नरेंद्र मोदी कुशवाहा द्वारा मिलकर सरकारी धन हडपने और रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा धन का बंदरबांट करने का आरोप लगाया। इससे पहले इसकी जांच कराने को लिए डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया था। जांच समिति पहुंची तो अभद्रता करते हुए विजय बहादुर से गालीगलौज की गई। इस मामले में न्यायाधीश ने उक्त तीनों के खिलाफ अतर्रा थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने और विवेचना का आदेश दिया है।
तारीखों के सहारे चल रहा है मत्स्य विभाग के टेंडर का जादुई खेल
- आज होने वाले टेंडर की फिर बढ़ाई गई तिथि
बांदा। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त और करप्शन से दूर रखने के लिए कितने भी प्रयास कर रहे हैं लेकिन उसके बाद भी जिले के अधिकारी इस भ्रष्टाचार के दलदल से बाहर नहीं निकलना चाहते हैं जी हां हम बात कर रहे हैं प्रदेश के जनपदों में होने वाले विभागीय उन कामों की जिनका सरकारी तौर पर टेंडर नीलामी या बोली लगाई जाती है उसी के माध्यम से ठेकेदारों को काम करने की अनुमति होती है लेकिन उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद की अगर बात करें तो यहां पर कुछ और ही खिचड़ी पकने में लगी हुई है कहने का मतलब यह है कि यहां पर अधिकारियों के द्वारा ज्यादातर सरकारी योजनाएं अपने चहेतों को ही दे दी जाती हैं इनकी जानकारी ना तो अन्य ठेकेदारों को दी जाती है और ना ही जनता को इसकी जानकारी मिल पाती है गुप्त रूप से ही अधिकारियों के द्वारा अपने चहेतों की जेब भरते हुए अपने भी यह भरने का काम किया जाता है।
बीती तारीख को जिस तरह से विभागीय अधिकारियों की कमेटी के द्वारा टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर अग्रिम तारीख दे दी गई थी और जब आज फिर पुनः टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने समिति के सदस्य पहुंचे तो आज भी घंटों की बैठक के पश्चात दोनो समिति के सदस्यों को यह कह कर वापस कर दिया की मत्स्य विभाग के अधिकारी आज बीमार है जिसकी वजह से वह आने में असमर्थ हैं इसी कारण से यह टेंडर प्रक्रिया आगामी 30जून को सुनिश्चित की गई है अब देखना यह है कि क्या आगामी 30 जून को यह टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाएगी या फिर अगली तारीख दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर मत्स्य विभाग के द्वारा नदी का ठेका होना था लेकिन मत्स्य विभाग के द्वारा वह टेंडर जिला पंचायत समिति को बिना किसी जानकारी और सूचना के ही दे दिया जाता था जब यह जानकारी ग्राम पंचायत समिति के लोगों को लगी तो इस बात उन्होंने भी अपने सभी दस्तावेज एकत्र करते हुए मत्स्य विभाग में होने वाले टेंडर में हिस्सा लिया बताते चले की मत्स्य विभाग का यह टेंडर बबेरू के तहसील में होना था जिसको लेकर ग्राम पंचायत समिति वा जिला पंचायत समिति ने अपने अपने दस्तावेज दाखिल किए थे जिसमें घंटो तक दस्तावेजों की जांच चलती रही उसके बाद अधिकारियों के द्वारा एक मिलाजुला जवाब देते हुए उस प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया और प्रतिभागियों को अग्रिम तारीख देते हुए जाने के लिए कह दिया गया।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा अग्रिम तारीख इसलिए दी गई है क्योंकि जिस तरह से पूर्व में जिला पंचायत स्तर पर नदी का ठेका दिया जा रहा था उसी को लेकर इस बार भी तारीख बढ़ा दी गई वही जब विभागीय टेंडर में भाग लेने वाले ग्राम पंचायत समिति के सदस्यों से यह जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि आज मत्स्य विभाग के द्वारा नदी का अंडर होना था जिसको लेकर घंटो तक अधिकारियों के द्वारा कागजी प्रक्रिया की जा रही थी लेकिन अचानक उनके द्वारा अग्रिम तारीख देते हुए हम लोगों को जाने के लिए कह दिया गया उन्होंने बताया कि जबकि मुख्यतः सरकार के इस टेंडर की प्रक्रिया का असली हकदार ग्राम पंचायत समिति ही होती है इसके बाद ब्लॉक स्तर तहसील स्तर फिर कहीं उसके बाद जिला पंचायत और फिर आगे प्रदेश स्तर पर इस टेंडर को दिया जाता है लेकिन सर्वप्रथम वरी का की अगर बात करें तो ग्राम पंचायत समिति को ही दी जाती है।
लेकिन यहां पर अधिकारियों के द्वारा बीते कई वर्षों से जिला पंचायत स्तर पर इस मत्स्य विभाग का टेंडर दिया जा रहा है इस बार ग्राम पंचायत स्तर पर यह टेंडर भरा गया है और अधिकारियों के द्वारा व सरकारी गाइडलाइन के आधार पर जो भी दस्तावेज कहे गए थे हम लोगों के द्वारा सभी पूरे किए गए लेकिन उसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा विभागीय अध्यक्ष ना होने की बात को कह कर यह पूरी प्रक्रिया अग्रिम तारीख तक के लिए टाल दी गई।मीडिया से बात करते हुए ग्राम पंचायत समिति के सदस्यों ने कहा कि कहीं ना कहीं जिले के मत्स्य विभाग अधिकारियों पर पूर्व ठेकेदार का दबाव है जिसकी वजह से इनके द्वारा यह अग्रिम तारीख दी गई है ताकि इन दिनों इनके द्वारा कागजों में फिर करते हुए उन्हें पूर्व ठेकेदार को ही ठेका दिया जा सके।
हम लोगों ने जब अधिकारियों से अपने पूरे कागज कंप्लीट होने और तारीख आगे बढ़ाने की लिखित बात लिखकर मांगी दो उन्होंने लिखने से मना कर दिया और वहां से पल्ला झाड़ कर निकल गए हम लोग यह चाहते हैं कि पूर्व ठेकेदार दबंग प्रवती का है अग्रिम तारीख तक हमारे समिति के सदस्यों पर जान माल का खतरा बना हुआ है पूर्व ठेकेदार के द्वारा हम लोगों को खतरा है यदि इन दिनों हमारे सदस्यों पर अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो उसके जिम्मेदार पूर्व ठेकेदार व उनके सदस्य होंगे।
आज बबेरू तहसील में होने वाले मत्स्य विभाग के टेंडर को लेकर जो प्रक्रिया हो रही थी उसे भी आज निरस्त करते हुए अग्रिम तारीख दे दी गई है। इस विषय में जब उप जिलाधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि आज कमेटी में शामिल मत्स्य विभाग के अधिकारी की अचानक तबियत बिगड़ गई है जिसकी वजह से वह नीलामी प्रक्रिया में शामिल नही हो पाए हैं जिसकी वजह से आज भी टेंडर प्रक्रिया निरस्त करते हुए अग्रिम तारीख दे दी गई है और आने वाली 30 जून को यह प्रक्रिया पुनः की जाएगी। वहीं दूसरी ओर टेंडर लेने आए समिति के लोगों ने टेंडर प्रक्रिया की लगातार तारीख बढ़ाने से कहीं न कही समिति के सदस्यों को जान माल का खतरा बना हुआ है जिसकी वजह से उनके अंदर बराबर डर बना हुआ है।
अधिवक्ता संघ कार्यालय के सामने हुए इंटरलाकिंग का जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया लोकार्पण
बबेरु/बांदा। जनपद के बबेरू तहसील में बार संघ एसोसिएशन कार्यालय के सामने पड़े जमीन पर जिला पंचायत निधि के द्वारा इंटरलॉकिंग करवाया गया है। जिसका आज गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा हुए इंटरलॉकिंग का लोकार्पण किया गया। वही अधिवक्ताओं को बरसात में हो रहे परेशानियों के बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष को अवगत कराया जिस को कार्य को करने के लिए अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया है।
बबेरु बार संघ एसोसिएशन कार्यालय के सामने पड़ी जमीन पर बरसात के मौसम में जल भरा हो जाता था। जिसमें जिला पंचायत निधि के द्वारा इंटरलॉकिंग का कार्य करवाया गया है। जिसमें आज गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल के द्वारा पहुंचकर हुए इंटरलॉकिंग कार्य का लोकार्पण फीता काटकर किया गया है। वहीं बार संघ एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपने अधिवक्ता साथियों की मांग को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन दिया है। और कहा है कि जहां पर अधिवक्ता बैठते हैं, उसके सामने बरसात में जलभराव हो जाता है, जिससे परेशानी होती है।
उसमें वहां पर भी इंटरलॉकिंग का कार्य करवाने की मांग किया है। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा घूम कर जायजा लिया है, और इंटरलॉकिंग का कार्य करवाने के लिए भरोसा दिया है, वही सभी अधिवक्ताओं से अपील भी किया है कि, बरसात के मौसम पर सभी जगह वृक्ष लगाए जाते हैं। जिसमें वृक्ष कम लगाएं लेकिन अच्छे वृक्ष लगाएं, जिससे वह वृक्ष जीवित रहें, और उनकी देखभाल भी करें। जिससे लोगों को अच्छा स्वच्छ वातावरण मिलेगा। जिससे लोगों को अच्छी हवा भी मिलेगी।
और छाया भी मिलेगा, इस मौके पर बार संघ एसोसिएशन के अध्यक्ष रामशरण प्रजापति, महामंत्री रामचंद्र यादव, कोषाध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष राम प्रताप वर्मा, शिव कुमार सिंह, अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमार, शिव शंकर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मुफीद आलम खान, अब्दुल शेख, सहित सैकड़ों की संख्या पर अधिवक्ता मौजूद रहे।




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