top five news : जल संरक्षण के दूर हो सकता है बुंदेलखण्ड का सूखा - उमाशंकर पाण्डेय


जलसंरक्षण के दूर हो सकता है बुंदेलखण्ड का सूखाः उमाशंकर पाण्डेय

  • जल संरक्षण संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ

बांदा। चित्रकूट धाम मंडल के चारों जिलो हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट व बांदा से आए ग्रामीण जन समुदाय ने जल संचयन एवं जल संरक्षण के मुद्दे पर जिला पंचायत सभागार में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम वर्षों से पानी के संकट के कारण उत्पन्न समस्याओं  का ब्यौरा प्रस्तुत किया और निराकरण के संदर्भ में विचार भी किया। इस मौके पर जलयोद्धा उमाशंकर पाण्डेय ने बुन्देलखण्ड मं जलसंरक्षण अपने विचार व्यक्त किये। जन संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण जनसमुदाय द्वारा कुछ ग्राम पंचायतों में जलस्त्रोतों की स्थिति, जल संकट के कारण कृषि एवं पशुपालन पर पड़ रहे प्रभाव आदि के बारे में किए गए सर्वेक्षण का प्रस्तुंतीकरण भी किया गया। इस सर्वे में कुछ जागरूक ग्रामीणों ने अपने आसपास की ग्राम पंचायतों में पदयात्रा के माध्यम से जल संरक्षण के उपायों पर जागरूक करते हुए जल स्त्रोतों की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी किया। 

इसके साथ ही ग्रामीण समुदाय के साथ बैठकों के माध्यम से जल संकट के कारण दैनिक जीवन में आ रही दिक्कतों, कृषि एवं पशुपालन पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाने का भी प्रयास किया गया है। ग्रामीण समुदाय द्वारा यह भी बताया गया है कि बुंदेलखंड का यह क्षेत्र हर दो-चार साल में सूखा की मार झेलता चला आ रहा है। आजीविका के साथ-साथ अन्य साधनों के अभाव में कृषि एवं पशुपालन ग्रामीण समुदाय के लिए आजीविका का मुख्य आधार है। पानी के स्त्रोत कुआं, तालाब आदि या तो खत्म होते जा रहे हैं या फिर उचित देखरेख के अभाव में उनमें थोड़ा बहुत ही पानी उपलब्ध रहता है। जो कृषि एवं गांव के मवेशियों के लिए नाकाफी है। पीने के पानी का एकमात्र स्त्रोत हैंडपंप है। परंतु जलस्तर नीचे जाने के कारण इसमें भी चंद माह ही पानी उपलब्ध रहता है। 

कोई विकल्प न दिखने की स्थिति में ग्रामीण अपने परिवार के लालन पालन के लिए पलायन को मजबूर होते हैं। इस दौरान यह सवाल भी प्रमुखता से उठाया गया कि जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने की सरकारी नीति एवं कार्यक्रमों के अनेक दावों के बावजूद भी इस क्षेत्र में वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती। जन संवाद कार्यक्रम में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों के लगभग 43 ग्राम पंचायतों से करीब 150 ग्रामीणों ने भागीदारी की। इनमें महिला सदस्यों की भी कम से कम आधी भागीदारी रही। इस दौरान लखनऊ के गौरव सोनकर ने जल संकट के कारण उत्पन्न समस्याओं एवं इसके लिए प्रभावी उपायों पर विचार व्यक्त किए।

जल संवाद के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने जल स्त्रोत एवं जल संचयन के लिए अब तक किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण एवं अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि बुंदेलखंड में वर्षा कम नहीं होती, लेकिन पानी का संरक्षण न होने के कारण नदी नालों में बह जाता है। जिसका लाभ समुदाय को नहीं मिल पाता है। उन्होंने गड़रा नाला, चंद्रावल नदी, मटौंध के तालाब में किए गए कार्यों की भी जानकारी साझा की और जल संरक्षण के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मनरेगा उपायुक्त राघवेंद्र तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सदाशिव, मुख्य वक्ता के रूप में जलयोद्धा उमाशंकर पांडेय भी शामिल रहे।

अनियंत्रित होकर खंती में जा गिरी कार

  • हादसे में दो लोग हुए गंभीर घायल

नरैनी/बांदा। तेज रफ्तार सड़क में जा रहे चार पहिया वाहन सड़क किनारे खंती में अचानक जा कूदा।जिसमे सवार चालक समेंत दो ब्यक्तियों को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के पनगरा बस स्टाप के पास डिगहरी पुल के नजदीक कानपुर से मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाकर वापस लौट रहे चार पहिया वाहन अचानक चालक को नींद का झोंका आ जाने से वाहन सड़क किनारे खंती में कूद गया।वाहन के चारो पहिया ऊपर व कांच सहित वाहन बुरी तरह चकनाचूर हो गया।पड़ोसी व राहगीरों की मदद से गाड़ी के अंदर फसे चालक अखिलेश पटेल,व अमित पटेल,अरविंद पटेल निवासीगण ग्राम भवई को बाहर निकाला गया।सभी को गंभीर चोंटे लगी।घायल लोगो को एम्बुलेंस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।जहां उनका प्राथमिक उपचार होने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।


पुलिस ने बंधक व्यक्ति को कराया आजाद

  • अपहरण कर्ताओं ने व्यक्ति को बांधकर जंगल में सूनसान जगह पर दिया था छोड़

बांदा। डायल 112 के पुलिस कर्मियों ने व्यक्ति को मुक्त कराते हुए प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को सूचित कर दिया है। जानकारी के अनुसार थाना पैलानी क्षेत्र के खप्टिहाकलां में पीआरवी- 0803 भ्रमणशील थी इसी दौरान पीआरवी में नियुक्त पुलिस कर्मियों को कालेश्वर मंदिर के पास सूनसान स्थान पर एक अज्ञात व्यक्ति पड़ा हुआ दिखाई दिया जिसके हाथ, पैर और मुंह बंधा था। पुलिसकर्मी तत्परता पूर्वक व्यक्ति के पास पहुंचे और व्यक्ति का हाथ, पैर व मुंह खोलकर उसे मुक्त कराया। पूंछने पर व्यक्ति ने अपना नाम राम विशाल उर्फ भग्गू पुत्र करोड़ीलाल नि0 धन्ना बुजुर्ग  थाना सजेती जनपद कानपुर नगर बताया। व्यक्ति द्वारा बताया गया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा उसका 14 जून को को अपहरण कर लिया गया था तथा आज यहां छोड़ दिया गया । व्यक्ति का प्राथमिक उपचार करवाने के बाद परिजनों को सूचित कर दिया गया है। इस संबंध में जनपद कानपुर नगर पुलिस से संपर्क कर अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।

जम्मू कश्मीर की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहे डा. श्यामा प्रसाद - देवेश कोरी

  • भाजपा कार्यालय में पुण्य तिथि पर डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया गया याद
  • भाजपाईयों ने किया वृक्षारोपण

बांदा। जनसंघ के संस्थापक डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को जिला भाजपा कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्पण व दीप प्रज्वलन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया गया। जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाते हुए जनपद के सभी 16 मंडलों अंतर्गत सभी बूथों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर भाजपा जिला संयोजक संजय सिंह की अध्यक्षता में जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश मंत्री देवेश कोरी ने कहा कि जम्मू कश्मीर की समस्या को पहचाननें तथा इसके समूल निस्तारण के लिए पुरजोर आवाज उठाने वाले डाक्टर मुखर्जी ही थे। 

बंगाल विभाजन की परिस्थित के बीच भारत के हितों का पक्षधर बनकर अगर कोई खड़ा हुआ तो वह डाक्टर मुखर्जी ही थे। आजादी के बाद सत्ता में आई कांग्रेस द्वारा देश पर थोपी जा रही अभारतीय तथा आयातित विचारधाराओं का तार्किक विरोध कर भारत, भारतीय तथा भारतीयता के विचारों के अनुरूप देश को राजनीतिक विकल्प देने वालों में डॉक्टर मुखर्जी अग्रणी थे। देश की तत्कालीन सरकार द्वारा नेहरू लियाकत पैक्ट में हिंदू हितों की अनदेखी से क्षुब्ध होकर डॉक्टर मुखर्जी द्वारा मंत्री पद से इस्तीफा देना उनकी उच्च वैचारिक चेतना का जीवंत उदाहरण है। एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान का प्रबल विरोध करने वाले और इसके लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले डॉक्टर मुखर्जी को भाजपा की मोदी सरकार ने धारा 370 हटा कर सच्ची श्रद्धांजलि है।

देश की एकता और अखंडता के लिए उनके सर्वाच्च बलिदान को तथा भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के संकल्प को मोदी सरकार ने फलीभूत किया है। इस अवसर पर जिला भाजपा कार्यालय परिसर में भाजपा नेताओं द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। भाजपा कार्यालय में आयोजित गोष्ठी को पूर्व भाजपा जिला संयोजक अशोक त्रिपाठी जीतू, बुंदेलखंड विकास बोर्ड चेयरमैन अयोध्या प्रसाद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता तथा अखिलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, पूर्व विधायक राजकरण कबीर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जगराम सिंह, कृषि अनुसंधान भारत सरकार के सदस्य बलराम सिंह कछवाह, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज तथा शैलेंद्र जयसवाल ने भी संबोधित किया। गोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री अखिलेशनाथ दिक्षित द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला महामंत्री विवेकानंद गुप्ता, राम प्रसाद सोनी, दिनेश शुक्ला लाला, प्रीति जायसवाल, ममता मिश्रा जागृति वर्मा, नरेंद्र सिंह नन्ना, धर्मेंद्र त्रिपाठी, संतू गुप्ता, उत्तम सक्सेना, सीताराम वर्मा, दिनेश यादव, श्याम सिंह एडवोकेट, विनय रजक, मीडिया प्रभारी आनंद स्वरूप द्विवेदी, कमासिन ब्लाक प्रमुख रावेंद्र गर्ग, बबेरू ब्लाक प्रमुख रमाकांत पटेल, जिला पंचायत सदस्य मंजू देवी, वंदना गुप्ता, प्रेम नारायण पटेल, विवेक त्रिपाठी, राकेश बाजपेई, अजय तिवारी, धनंजय करवरिया, बाबूराम निषाद, सुरेंद्रवीर निषाद, आशीष पटेल, राकेश गुप्ता दद्दू, सूरज सिंह दिनकर, धर्मवीर सिंह आदि भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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