छतरपुर। कोरोना संक्रमण काल में एनएसएस की भूमिका सराहनीय रही है। इसमें मानवीयता के कई उदाहरण सामने आए हैं। रक्तदान से किसी की भी जान बचाई जा सकती हैं । रक्तदान के ऐसे पुनीत कार्य शासकीय महाराजा महाविद्यालय में पढ़ने वाली राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविका सुलोचन पटेल ने पहली बार रक्तदान किया है। नरेंद्र चतुर्वेदी उम्र 22 वर्ष निवासी बड़ामलहरा को खून की अति आवश्यकता थी। जानकारी मुझे एनएसएस के स्वयंसेवक नीलेश तिवारी ने जानकारी दी।
बी पॉजिटिव ब्लड की सख्त आवश्यकता है तो महामारी में सुलोचना ने जिला अस्पताल में अपना रक्तदान देकर उसके युवक की जान बचाई सभी से अपील कि ऐसी महामारी ऐसे संकट में सभी एक दूसरे की मदद करें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके मदद करें रक्तदान से बढ़कर कोई पुण्य काम नहीं होता है। इस मौके पर नीलेश तिवारी, तनिश महोबिया, सोयल पूरी गोस्वामी, अमन गुप्ता रही मौजूद रहे।


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