- कस्बे में चल रही रामलीला का 15वां दिन
ओरन/बांदा। रामलीला में परशुराम लक्ष्मण संवाद लीला का मनोहारी मंचन, प्रांगण दर्शकों से खचाखच भरा रहा। कस्बे में 110 वर्षों से निरंतर संचालित 20 दिवसीय रामलीला के 15 वे दिन सीता स्वयंबर, रावण बाणासुर संवाद, धनुष यज्ञ , राम विवाह व परसुराम लक्ष्मण संवाद की लीला का मनोहारी मंचन हुआ। पर्दा खुलते ही मुनि विश्वामित्र जी के साथ गये राम लक्ष्मण की संध्या वंदन ने दर्शकों का मन मोह लिया। जनक का अभिनय कर रहे राजू तिवारी हमीरपुर ने शास्त्रीय संगीत युक्त अभिनय से जहाँ एक ओर सभी को प्रभावित किया। वहीं संतोष त्रिपाठी महोबा रावण के अभिनय को देख लोगों ने खूब तारीफ की। जब कोई राजा धनुष को हिला भी नहीं पाया तो महाराज जनक अत्यंत दुःखी होकर विलाप करने लगे जिसे देख प्रांगण में बैठे दर्शकों के आँसू निकल पड़े, दुःखी जनक ने जैसे ही वीर विहीन पृथ्वी होने की बात कही तो लक्ष्मण क्रोध से आग बबूला होकर जनक जी पर कुपित हो उठे, जिन्हें श्री राम ने इशारे से शांत किया और विश्वामित्र ने उचित अवसर देख राम चन्द्र जी को धनुष उठा कर प्रत्यंचा चढ़ाने की आज्ञा दी जो छूते ही टूट गया और सीता जी का विवाह संपन्न हुआ।
धनुष टूटते ही प्रांगण जयसियाराम के जयकारों से गूँज उठा। धनुष खंडन की जानकारी पर पहुचे परसुराम अत्यंत क्रोधित हो गए। उनकी गर्जना सुन रामलीला मैदान में सन्नाटा पसर गया। कृष्ण कुमार द्विवेदी कानपुर परसुराम, पंकज तिवारी इछावर राम, राहुल शुक्ला अतर्रा लक्ष्मण का अभिनय तथा अमृत लाल जी ब्यास एवं मुकेश सिंह तबला वादक ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शक सुबह तक परसुराम लक्ष्मण संवाद का आनंद लिया। नगर मे रामलीला का आयोजन बजरंगबली रामलीला कमेटी द्वारा अनवरत पिछले 110 वर्षों से कराया जा रहा है केवल पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान रामलीला बंद रही। बजरंगबली रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल नारायण द्विवेदी ने बताया की 30 अक्टूबर से चालू रामलीला की समाप्ति 10 नवंबर को होगी आज रामलीला में राम बनवास कार्यक्रम का मंचन किया जाएगा।

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