हनुमान जयंती : आज हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है

  • संकट मोचन मंदिर में विधि-विधान पूर्वक आरती की गयी

बांदा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी दिवाली से एक दिन पहले आज छोटी दिवाली मनाई जाती है। छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी के दिन ही हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है। पहली हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा को, जबकि दूसरी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि आज हनुमान जी की विशेष अराधना करने से सारे संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें और धूप, दीप, नवैद्य, दीप जलाकर उनकी पूजा करें। हनुमान जी को गुलाब की माला चढ़ाएं और सिन्दूर लगाएं उसके बाद उनकी आरती करें।

हनुमान जयंती के दिन लाल रंग के वस्त्र पहन कर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए ऐसा करने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं। हनुमान जी को बूंदी के लड्डू या प्रसाद अवश्य चढ़ाएं।हनुमान जी की पूजा में केवड़े का इत्र और गुलाब की माला भी शामिल करें। हनुमान जी की पूजा में उनको पान का बीड़ा जरूर चढ़ाएं। कहा जाता है कि इससे हनुमान जी की विशेष कृपा होती है और तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं।

हनुमान जी की पूजा में सिंदूर का इस्तेमाल जरूर करें। ऐसा करने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दिन बरगद  के पेड़ के पत्ते से हनुमान जी की पूजा करने वालों के आर्थिक संकट दूर होते हैं। इस दिन व्रत रखकर सुंदर काण्ड का पाठ करना लाभदायक है। हनूमान जी का पूजन करने से बल, बुद्धि, साहस और निरोगिता प्राप्त होती है। मंगल ग्रह संबधी दोष दूर होते हैं। नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तिल के तेल से मालिश करके स्नान करना चाहिए। इसके बाद भगवान कृष्ण के पास दीपक रखकर लम्बी आयु और आरोग्य की प्रार्थना करें। शाम को महालक्ष्मी और कुबेर के पास दीप जलाकर पूजन करें।

आज हनुमान जी जयंती मनाई गई

संकट मोचन मंदिर में विधि-विधान पूर्वक आरती वंदना आयोजित किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। पुजारी महंत उमाशंकर दास, धर्मेन्द्र त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, जीतू भाईया, स़दीप, विवेक, सुभम, मयंक, सुरेन्द्र पंडित जी, लालू भाइया, रामाकांत, पप्पू भाइया कमल नयन दास, आदि मौजूद रहे।



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