- अनुमानित संख्या से अधिक महिलाओं ने अपनाया अंतरा
- पिछले साल के मुकाबले इस साल 34 फीसद बढ़ोत्तरी
बांदा। परिवार को सीमित रखने में परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों की अहम भूमिका है। इन साधनों के फायदे बताने के साथ ही इनको अपनाने को लेकर समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा इनकी स्वीकार्यता बढ़ाने को लेकर भी सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन साधनों में त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’ काफी लोकप्रिय है। चित्रकूटधाम मंडल के हमीरपुर जपनद की महिलाओं ने अंतरा को सबसे अधिक अपनाया है द्य इस तरह अंतरा अपनाने के मामले में जनपद मण्डल में अव्वल है। इस साल नवंबर तक यहां अनुमान से बढ़कर 109 प्रतिशत महिलाओं ने इसे अपनाया। बांदा जिला इसमें मण्डल में दूसरे नंबर पर है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में परिवार कल्याण कार्यक्रमों को सफल बनाने को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की यह मुहिम रंग लाती दिखाई दे रही है। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में अंतरा काफी लोकप्रिय हो रहा है। मंडल में पिछले साल के मुकाबले इस साल 34 फीसद वृद्धि नजर आई है। वर्ष 2020 में मंडल में 10075 महिलाओं के अंतरा अपनाने की अनुमानित संख्या थी। इसमें 4031 यानि 40 फीसद महिलाएं आगे आईं। इस साल नवंबर तक मंडल में 17300 के मुकाबले 12793 महिलाओं ने इसका लाभ लिया। यह अनुमानित संख्या का 74 फीसद है। इसमें हमीरपुर जनपद की भूमिका सबसे अहम है। यहां इस साल 3200 के सापेक्ष 3474 महिलाओं ने अंतरा को अपनाया, जो कि लक्ष्य का 109 फीसद है।
इसी तरह बांदा में 4600 में से 3804 यानी 83 फीसद और महोबा में 4500 के सापेक्ष 3696 यानि 82 प्रतिशत महिलाओं ने इसका उपयोग किया। चित्रकूट जिले में 5000 के मुकाबले 1819 यानि 36 फीसद ने ही इसका लाभ लिया। अपर निदेशक डा. नरेश सिंह तोमर ने बताया कि परिवार नियोजन के अस्थाई संसाधन अंतरा में हमीरपुर का बेहतर प्रदर्शन है। इससे जाहिर है कि लाभार्थी महिलाएं इंजेक्शन के नतीजों से भी खुश हैं। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों को भी इससे प्रेरणा लेकर इसे अपनाना चाहिए। मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि अस्थाई संसाधनों में अंतरा सबसे अच्छा व आसान तरीका है। परिवार नियोजन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन है अंतरा
मंडलीय लाजिस्टिक मैनेजर अमृता राज ने बताया कि अंतरा एक त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन है। इसका प्रजनन क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हर बार अंतरा इंजेक्शन लगवाने के बाद 90 दिन (तीन माह) तक गर्भधारण से सुरक्षा होती है तथा लाभार्थी की गोपनीयता एवं निजता भी बनी रहती है। अंतरा धात्री महिलाओं (प्रसव के 6 सप्ताह बाद) के लिए प्रभावी एवं सुरक्षित गर्भ निरोधक साधन है।

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