राजेश कुमार शास्त्री, ब्यूरो चीफ
नई दिल्ली। राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने बताया कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन अधिवक्ता फोरम की टीम के द्वारा राज्य मे हाई कोर्ट में एवं सुप्रीम कोर्ट में भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से पत्रकार उत्पीड़न एवं सामाजिक कार्यकर्ता उत्पीड़न के मामले में हो रहे लापरवाही एवं काफी समय से परेशान पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने के लिए जनहित याचिका दायर किया जाएगा उन्होंने बताया कि इसके लिए टीम गठित की जाएगी। संगठन में जुड़े हुए अधिवक्ता बंधुओं से अपील करते हुए कहा कि आप तत्काल एक्शन लेने का कार्य करें इसके लिए जितने भी अधिवक्ता साथी हैं उनकी अभिलंब ऑनलाइन एवं जूम एप्प पर मीटिंग करके निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि "यह जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदान किया गया एक मौलिक अधिकार है, जिसे नुकसान से बचाने की जरूरत है, जहां परिवार की एक रोटी कमाने वाले की अपराधी एवं पुलिसिया गठजोड़ के कारण जान चली जाती है या फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है और आश्रित वित्तीय समस्याओंं जैसी विकट समस्याओं से मानसिक रूप से परेशान रहता है। पुलिस के पास बार-बार गुहार लगाने से पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता हैं" उन्होंने बताया कि काफी दिनों से लंबित पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के मामले को लेकर के यह याचिका दाखिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी 2022 तक याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया की जाएगी।

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