- जिले में 55 फीसद ने लगवाई प्रिकाशनरी डोज
- मंडल में 28 हजार में से 12 हजार ने ली डोज
- अपर निदेशक बोले- समय पर पूरा करेंगे लक्ष्य
अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ
बांदा। पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण के बादल लोगों की जिंदगी पर मंडरा रहे हैं। वायरस से लोगों को सुरक्षित बनाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर की भूमिका बहुत ही अहम है। इसलिए इस तबके को सुरक्षित रखने के लिए प्रिकॉशनरी डोज लगाई जा रही है। प्रिकॉशनरी डोज लगाने में चित्रकूटधाम मंडल में महोबा सबसे आगे है। यहां इस माह निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 20 जनवरी तक 55.38 फीसद ने प्रिकॉशनरी डोज लगवा ली है।
चित्रकूटधाम मंडल में 16 जनवरी 2021 से टीकाकरण हुआ हुआ था। इसको लेकर लोगों के मन में कई भ्रांतियां भी थीं। इसी को दूर करने के लिए हेल्थ केयर वर्करों से कोरोना का टीका लगाने की शुरूआत की गई थी। इसके बाद कोरोना कोला में योद्धा के रूप में काम कर रहे फ्रंटलाइन वर्कर को इसके लिए चिन्हित किया गया। अब आबादी में टीकाकरण युद्ध स्तर पर चला जा रहा है। संक्रमण की तीसरी लहर में प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर को तीसरे टीके के रूप में प्रिकॉशनरी डोज देना शुरू किया।
यूएनडीपी के झांसी व चित्रकूट मंडल के प्रोजेक्ट आफीसर चंद्र भूषण ने बताया कि जनवरी माह में चित्रकूटधाम मंडल में 28271 लोगों को प्रिकॉशन डोज लगवाने का लक्ष्य रखा गया है। मंडल में अब तक 12273 यानी 44.87 फीसद ने यह डोज लगवा ली है। महोबा जनपद में सबसे ज्यादा 5632 के सापेक्ष 3119 यानी 55.38 फीसद डोज लग चुकी है। चित्रकूट जिले में 4711 के मुकाबले 2273 यानी 48.25 फीसद, बांदा में निर्धारित 9859 में से 4180 यानी 42.40 फीसद और हमीरपुर में 8069 के सापेक्ष 2701 यानी 33.47 फीसद प्रिकॉशन डोज लग चुकी हैं।
चित्रकूटधाम मंडल के अपर निदेशक डा. नरेश सिंह तोमर का कहना है कि टीकाकरण अभियान में डाक्टर, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, पुलिस कर्मी व सफाई कर्मियों अहम भूमिका निभाई है। इनके जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए शासन के निर्देश पर प्रिकॉशन डोज लगाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा पर टीकाकरण पूर्ण करने का प्रयास जारी है।

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