रामनगर-267: भाजपा से सुशील पटेल लंबरदार ने ठोकी दावेदारी, बदला चुनावी समीकरण

दो बार ब्लॉक प्रमुख चुनाव के रनर-अप और भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य की सक्रियता से बाराबंकी की सियासत में हलचल तेज
विशेष संवाददाता 
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद की रामनगर विधानसभा (267) में आगामी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों की बढ़ती दौड़ के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र (ग्राम पंचायत नेराकबूलपुर) के मूल निवासी सुशील पटेल लंबरदार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से विधायक पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
सुशील पटेल लंबरदार वर्तमान में भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य हैं और स्नातक एमएलसी के ब्लॉक संयोजक के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं। इससे पहले वह दो बार ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में रनर प्रत्याशी (उपविजेता) रह चुके हैं। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी लगातार सक्रियता के चलते स्थानीय राजनीतिक गलियारों में उनकी दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ बना आधार
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी भी प्रमुख दल द्वारा प्रत्याशी चयन के दौरान संगठन में सक्रियता, जमीनी पकड़, कार्यकर्ताओं के बीच पैठ और चुनावी अनुभव सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। सुशील पटेल लंबरदार के पास पंचायत स्तर की राजनीति का लंबा अनुभव है और वह भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चर्चा है कि सुशील पटेल लंबरदार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रामनगर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की इच्छा जताते हुए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। हालांकि, टिकट वितरण पर अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा।
पिछले चुनाव के नतीजे: बेहद कड़े मुकाबले की गवाह रही है रामनगर सीट
यदि रामनगर विधानसभा के चुनावी इतिहास पर नजर डालें, तो यहाँ हमेशा से बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर देखने को मिली है:
  • वर्ष 2022 का चुनाव: पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के फरीद महफूज किदवई ने बेहद करीबी मुकाबले में भाजपा के शरद कुमार अवस्थी को महज 261 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में सपा को 98,799 और भाजपा को 98,538 वोट मिले थे।
  • वर्ष 2017 का चुनाव: इससे पहले 2017 के चुनाव में भाजपा के शरद कुमार अवस्थी ने सपा के अरविंद कुमार सिंह 'गोप' को 22,727 वोटों के बड़े अंतर से मात देकर कमल खिलाया था।
इस तरह पिछले चुनावी ट्रेंड्स को देखते हुए भाजपा इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है जो बेहद कम अंतर वाली इस सीट पर सामाजिक और संगठनात्मक रूप से जीत सुनिश्चित कर सके।
"पार्टी का फैसला सर्वोपरि, लेकिन जमीन पर तैयारी पूरी" — सुशील पटेल लंबरदार
अपनी दावेदारी को लेकर मीडिया से बात करते हुए सुशील पटेल लंबरदार ने कहा, "मैं लंबे समय से भाजपा संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जनता के बीच काम कर रहा हूँ। रामनगर की जनता एक ऐसा नेतृत्व चाहती है जो चौबीसों घंटे उनके सुख-दुख में खड़ा रहे। मैंने शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपनी दावेदारी और कार्यकर्ताओं की भावनाएं रख दी हैं। टिकट किसे देना है, यह पार्टी आलाकमान तय करेगा और उनका निर्णय सर्वोपरि होगा, लेकिन विकास और सुशासन के मिशन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए हमारी जमीनी तैयारी पूरी है।"
करीब 3.15 लाख मतदाताओं वाली सीट पर सामाजिक गणित
रामनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3.15 लाख है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग निर्णायक भूमिका में हैं:
• पुरुष मतदाता: करीब 1.80 लाख
• महिला मतदाता: करीब 1.50 lakh
स्थानीय स्तर पर आकलित किए गए अनुमानित सामाजिक और जातीय समीकरण इस प्रकार हैं:
• मुस्लिम मतदाता: करीब 23%
• अनुसूचित जाति (SC): करीब 22–24%
• कुर्मी मतदाता: करीब 16% (सुशील पटेल इसी वर्ग से आते हैं)
• सवर्ण मतदाता: करीब 15–18%
• यादव मतदाता: करीब 12%
• क्षत्रिय मतदाता: करीब 10–12%
(नोट: ये आंकड़े स्थानीय अनुमानों पर आधारित हैं, आधिकारिक निर्वाचन डेटा से इनमें आंशिक अंतर संभव है।)
दावेदारी से बढ़ी भाजपा के भीतर प्रतिस्पर्धा
रामनगर विधानसभा में सुशील पटेल लंबरदार के सामने आने के बाद भाजपा के अन्य टिकटार्थियों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। पूर्व में चुनावी मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक क्षमता साबित कर चुके सुशील पटेल को इस बार कुर्मी बहुल और पिछड़े वर्ग के समीकरणों के लिहाज से भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है। इस सीट पर मुकाबला सिर्फ किसी एक जातीय समीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बूथ मैनेजमेंट, संगठन की ताकत और प्रत्याशी की व्यक्तिगत स्वीकार्यता जीत का मुख्य कारक बनेगी। अब देखना यह है कि भाजपा नेतृत्व इन संगठनात्मक और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किस चेहरे पर दांव लगाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ