Motivational Story : प्रेरणा और प्रेम बदल सकते है इंसान का जीवन

शैलेंद्र मोहन, चेयरमैन, एंटी क्राइम एंटी करप्शन

टालस्टाय एक दिन सुबह एक गांव की सड़क से निकला। एक भिखारी ने हाथ फैलाया। टालस्टाय ने अपनी जेब तलाशी लेकिन जेब खाली थे। वह सुबह घूमने निकला था और पैसे नहीँ थे। उसने भिखारी को कहा, मित्र! क्षमा करो, मेरे पास पैसे नहीं हैं, तुम जरूर दुखी होगे, लेकिन मैं मजबूरी में पड़ गया हूं। पैसे मेरे पास नहीं हैं। यह शब्द उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा।

 उस भिखारी ने कहा कोई बात नहीं। तुमने मित्र कहा, मुझे बहुत कुछ मिल गया। यू काल्ड मी ब्रदर, तुमने मुझे बंधु कहा और बहुत लोगों ने मुझे अब तक पैसे दिए थे लेकिन तिरस्कार के साथ लेकिन तुमने जो दिया है, वह किसी ने भी नहीं दिया था। मैं बहुत अनुगृहीत हूं। एक शब्द प्रेम का – मित्र, उस भिखारी के हृदय में क्या निर्मित कर गया, वो क्या बन गया।

उस दरमियाना उस भिखारी का चेहरा बदल गया, उसे लगा कि वह भी इंसान है यह पहला मौका था कि किसी ने उससे कहा था, मित्र। भिखारी को कौन मित्र कहता है? इस प्रेम के एक शब्द ने उसके भीतर एक क्रांति कर दी, उसकी हैसियत बदल गयी, उसकी गरिमा बदल गयी, उसका व्यक्तित्व बदल गया। वह दूसरी जगह खडा हो गया। 

सोचने लगा कि वह पद-चलित एक भिखारी नहीं है, वह भी एक मनुष्य है। उसके भीतर एक नया क्रिएशन शुरू हो गया।प्रेम के एक छाेटे से शब्द ने उसे उस के अस्तित्व का बोध करा दिया। प्रेम का जीवन ही क्रिएटिव जीवन है। प्रेम का जीवन ही सृजनात्मक जीवन है। प्रेम का हाथ जहां भी छू देता है, वहां क्रांति हो जाती है। वहां मिट्टी सोना हो जाती है। प्रेम का हाथ जहां स्पर्श देता है, वहां अमृत की वर्षा शुरू हो जाती है।

उस भिखारी को बोध हुआ कि मैं भी एक दूसरा इंसान हूँ क्योंकि इस इंसान ने मुझे मित्र कहा भाई कहा उसने उसी दिन से भीख न माँगने का फ़ैसला किया और आगे चल कर वह बहुत बड़ा व्यवसायी बना। आपका साथ और विश्वास किसी को कहाँ से कहाँ पहुँचा देता है, यह आप नही महसूस कर पाते है।



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