आचार्य पं शशिकान्त शुक्ल
आज के दौर में लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्या के साथ-साथ वास्तु संबंधित भी समस्याएं होती है। इससे निजात पाने के लिए लोग कई तरह के पूजा पाठ करवाते है फिर भी उन्हें उतना फायदा नहीं पाता है। यदि आप वास्तु के अनुसार कोई काम नहीं करते हैं तो आपके घर में ऐसी कई चीजें हो सकती हैं, जो दिखने में बेहद मामूली हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से उसका बड़ा महत्व होता है। अक्सर लोग शास्त्रों की जानकारी के अभाव में जाने-अनजाने में इन चीजों का घर में गलत जगह और गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं, घर में वास्तु के हिसाब से एक छोटी सी गलती आपको कितनी भारी पड़ सकती है...
👉मुख्य द्वार
घर के मुख्य द्वार पर हमेशा अंधेरा रखना बेहद अशुभ माना जाता है, मुख्य द्वार का रंग रोगन ठीक न होना या आकर्षक न होना भी अशुभ होता है, इससे आपके जीवन में आने वाले सफलता के अवसर कम हो जाते हैं।
👉घर में चित्र या पोस्टर
घर में किसी गलत चित्र का इस्तेमाल भी अशुभ होता है, चित्रों पर धूल जमा होना, एक साथ बहुत सारे चित्रों का लगा होना ठीक नहीं माना जाता है, इससे घर मे वाद विवाद ज्यादा होता है और रिश्ते खराब होते है।
👉घर मे जूते चप्पल और वस्त्र
घर मे कपड़ों और जूते चप्पलों को प्रयोग के बाद इधर-उधर फेंक देना भी अशुभ होता है, जूतों और कपड़ों की अलमारी को हमेशा अव्यस्थित रखने से धन की बर्बादी होती है, करियर में भी उतार-चढ़ाव आता रहता है।
👉पानी बर्बादी
घर में पानी की बर्बादी करना, घर की टंकियों से अनावश्यक पानी का बहना, जरूरत से ज्यादा पानी का प्रयोग भी सही नहीं है, इससे स्वास्थ्य की समस्याएं लगी रहती हैं, मानसिक रूप से कमजोरी आती है।
👉घर मे पुरानी वस्तुएं
घर मे पुराने कपड़े-जूते रखना या पुरानी अनुपयोगी चीजों को घर मे जमा करने से राहु खराब होता है, घर में बीमारियां और चिंताएं बढ़ती हैं।
👉खराब बिजली की वस्तुएं
घर में सब जगह पर प्रकाश की व्यवस्था न होना भी दिक्कत देता है, बिजली के खराब उपकरणों को घर में न रखें। इससे अनावश्यक तनाव होता है और घर के बच्चों की स्थिति खराब हो जाती है।
👉दरबाजो से आवाज
घर के दरवाजों का सही तरीके से न खुलना बंद होना या दरवाजों से जोर-जोर से आवाज आना गृह क्लेश की दस्तक होता है, इससे घर के लोगों के आपसी रिश्ते खराब होते हैं।
"ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, वैदिक अनुष्ठान व समस्त पितर कार्यो के लिए संपर्क करें
- आचार्य : पं शशिकान्त शुक्ल (वैदिक) श्री धाम अयोध्या जी
- संपर्क सूत्र : 7905662198, 9839205579

0 टिप्पणियाँ
Please don't enter any spam link in the comment Box.