सग़ीर ए खाकसार
बढ़नी, सिद्धार्थनगर। वी फाउंडेशन, सिद्धार्थनगर इकाई के द्वारा शोहरतगढ़ के शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में महिलाओं के विधिक सशक्तिकरण हेतु सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम-2005 के बारे में विस्तार से महिलाओं व छात्राओं को बताया गया। वीमेन एम्पोवेर्मेंट फाउंडेशन, सिद्धार्थनगर इकाई द्वारा शोहरतगढ़ के शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित महिलाओं के विधिक सशक्तिकरण हेतु सेमिनार में रिटायर्ड डीआईजी व फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसीडेंट रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं-युवतियां घरेलू हिंसा और कार्य स्थल पर डरे नहीं। शिकायत करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण एवं घरेलू हिंसा से बचाने के लिए सामाजिक सोच में परिवर्तन लाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम-2005 के अंतर्गत महिलाओं को सुरक्षा व संरक्षण मिलता है। एसपीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता का भाव पैदा होता है। उन्होंने कहा कि कानून और उसकी उपयोगिता समाज के लिए होती है। बालिकाओं को सशक्त बनना पड़ेगा। बीडीओ सतीश कुमार सिंह ने कहा कि सभी महिलाएं अपने कार्यस्थल पर बिना हिचके अपनी बात बेबाकी से रखें।
सेमिनार को फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अनिल सिंदूर व एसपीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. नलिनीकांत मणि त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। संचालन सगीर ए खाकसार ने किया। इस दौरान चीफ कोऑर्डिनेटर डॉ. राजनरायन उपाध्याय, कोऑर्डिनेटर विकास सिंह, दिनेश मिश्र, शमशाद अहमद, शम्भूनाथ त्रिपाठी, मास्टर करम हुसैन इदरीसी, मिशन शक्ति की कांस्टेबल महिमा सिंह, प्रतिभा पांडेय सहित डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एसआई रविकांत मणि त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

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