कोई भी जिला पूर्ण टीकाकरण के बिना नहीं रहना चाहिए : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

  • डॉ. मनसुख मंडाविया ने कोविड टीकाकरण, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्‍थ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर मिशन और कोविड-19 रिस्‍पांस पैकेज पर राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली/पीआईवी। 'कोविड-19 के पूर्ण टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में जल्द ही हर घर दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा।' केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय समीक्षा बैठक के दौरान आज यह बात कही। टीकाकरण की गति और कवरेज में तेजी लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश में 10.34 करोड़ से अधिक लोग ऐसे हैं जिन्होंने निर्धारित अंतराल के बाद दूसरी खुराक नहीं ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश में टीकों की पर्याप्त खुराक उपलब्ध है और राज्यों के पास 12 करोड़ से अधिक बिना इस्‍तेमाल वाली खुराकें उपलब्ध हैं। उन्‍होंने कहा, 'कोई भी जिला पूर्ण टीकाकरण के बिना नहीं रहना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'आइए नवंबर 2021 के अंत तक हम सभी पात्र लोगों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक के साथ कवर करने का लक्ष्य रखें।'


राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों से अनुरोध किया गया कि वे राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें। डॉ. मंडाविया ने राज्यों से अनुरोध किया कि वे सभी हितधारकों के साथ क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार करें ताकि बिना टीकाकरण वाले लोगों की संख्या को कम किया जा सके। उन्होंने को-विन पोर्टल पर उपलब्ध दूसरी खुराक के लाभार्थियों के कवरेज के लिए जिलावार योजनाएं तैयार करने, उनके निष्पादन की समीक्षा करने और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उन्‍हें प्रोत्साहित करने के लिए नवोन्‍मेषी रणनीति तैयार करने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार भी इस राष्ट्रीय समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित थे। इसमें भाग लेने वाले राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों में श्री आलो लिबांग (अरुणाचल प्रदेश), श्री केशव महंत (असम), श्री मंगल पांडे (बिहार), श्री टीएस सिंहदेव (छत्‍तीसगढ), श्री सत्येंद्र जैन (दिल्ली), श्री ऋषिकेश पटेल (गुजरात), डॉ. नरोत्तम मिश्रा (गृह मंत्री, मध्य प्रदेश), डॉ. मणि कुमार शर्मा (सिक्किम), श्री एमए सुब्रमण्यम (तमिलनाडु), श्री जय प्रताप सिंह (उत्तर प्रदेश), श्री धन सिंह रावत (उत्तराखंड), डॉ. सुभाष गर्ग (राजस्थान) और श्री बन्ना गुप्ता (झारखंड) शामिल हैं। इस दौरान विभिन्न राज्यों के मिशन निदेशकों (एनएचएम) के साथ-साथ राज्य के अन्‍य अधिकारी भी उपस्थित थे।

डॉ. मनसुख मंडाविया ने हाल में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में लॉन्च किए गए पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-भीम) के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्‍होंने कहा, 'कोविड ने हमें अपने मौजूदा स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में कमियों का विश्लेषण करने का अवसर दिया है। हमने यह भी सीखा है कि एक संघीय लोकतंत्र में केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियों हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बजट 2021-22 में 64,180 करोड़ के परिव्यय के साथ घोषित पीएम-एबी एचआईएम सबसे बड़ी अखिल भारतीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा योजना है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन समस्‍याओं को निपटाने के लिए भारत की क्षमता को काफी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि यह भारत के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को एक काफी बढ़ावा देगी और उसे कहीं अधिक लचीला बनाएगी। उन्होंने राज्यों से नए मिशन के तहत आवंटित धन के समय पर उपयोग के लिए रणनीति बनाने का आग्रह किया। मंडाविया ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया कि प्रस्तावित पहल एवं योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ईसीआरपी-II के लिए योजनाओं और कार्यान्वयन कार्यक्रमों की समीक्षा की जाए।

वसुधैव कुटुम्बकम के भारतीय दर्शन के बारे में बताते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र लोगों को कम लागत पर नए प्रभावी उपचार एवं टीके को उपलब्‍ध कराते हुए इस दर्शन पर अमल कर रहा है। उन्‍होंने कहा, 'भारत ने कोविड की पहली लहर के दौरान दुनिया को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की। जबकि दूसरी लहर के दौरान दुनिया ने भारत की मदद की।' उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत में दिमाग और जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्‍होंने कहा, 'भारत को उसकी गुणवत्तायुक्‍त दवाओं के कारण 'दुनिया की फार्मेसी' कहा जाता है। यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमने 16 जनवरी 2021 से कोविड टीके का उत्‍पादन किया है।' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया कि टीबी उन्मूलन, एड्स नियंत्रण एवं उपचार और अन्य गैर-कोविड योजनाओं के लिए देश के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डॉ. मंडाविया ने स्वास्थ्य मंत्रियों को आश्वासन दिया कि केंद्र स्वास्थ्य संबंधी मामलों में राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करेगा। उन्‍होंने कहा, 'एक संघीय लोकतंत्र में केंद्र और राज्य पारस्‍परिक तौर पर सहयोगात्‍मक प्‍लेटफॉर्म तैयार करते हैं। हमें स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के रूप में काम करना चाहिए।' राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने इस संवादात्मक बैठक के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को तहेदिल से धन्यवाद दिया जिससे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला। मनसुख मंडाविया के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ वास्तविक समय पर बातचीत की सुविधा के लिए व्हाट्सऐप पर राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक संवादात्मक समूह बनाया गया है।

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