उपभोक्ताओं से सेवा में त्रुटि पर सख्त हुआ उपभोक्ता आयोग

  • विद्युत, डाक विभाग सहित कई कंपनियों पर ठोंका जुर्माना

बांदा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ताओं के हित में उनके अधिकारों की रक्षा करते हुए सेवा में कमी पाए जाने और अनुचित व्यापारिक सेवाओं पर विपक्षी पर  एक साथ पांच मामलों में फैसला करते हुए 66000 का जुर्माना किया है। अपने आदेश में कहा है कि उपभोक्ता हित सर्वापरि है। आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। ग्राम महुई निवासी किशोरी बाई पत्नी स्व देवी दयाल  आदि के मामले में डाक विभाग की सेवा में कमी पाए जाने पर जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी की कोर्ट ने सब पोस्ट मास्टर तिंदवारी और डाक अधीक्षक को आदेश दिया कि वह 10000 मानसिक तनाव के लिए और 5000 मुकदमा दायर करने में हुए खर्च पर वादी को अदा करे। बांदा शहर के खिन्नी नाका निवासी संतोष कुमार सोनी पुत्र सीताराम  सोनी के मामले में वादी का एकपक्षीय स्वीकार करते हुए शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक सिटी शाखा रामलीला मैदान शहर बांदा को आदेश दिया कि वह परिवादी के ऋण खाते में 150000 की राशि पर ब्याज का भुगतान ऋण में प्रचलित दर के आधार पर अनुदान प्राप्त होने की तिथि से ऋण खाते में समायोजन होने की तिथि तक भुगतान आदेश की तिथि से 1 माह के अंदर करें साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 3000 और वाद व्यय के लिए 2000 भी एक माह के अंदर अदा करें।

मर्दन नाका शहर बांदा की निवासी उस्मान पुत्र कल्लू के मामले में उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी संख्या 2 आईसीआईसीआई लोंबारड मोटर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड झांसी एक माह के अंदर 23017 तथा उस पर 2.3.2013 से भुगतान तक 8 फ़ीसदी वार्षिक ब्याज भी अदा करें। इसके अलावा मानसिक कष्ट के लिए 8000 और वाद् व्यय के लिए 3000माह के अंदर अदा करें। मोहल्ला मढिया नाका निवासी राजेश कुमार गुप्ता पुत्र शंकर लाल के मामले  में स्पाइस रिटेल लिमिटेड एस ग्लोबल नोएडा को आदेश दिया कि वह परिवादी द्वारा क्रय किए गए मोबाइल का मूल्य 2900 और उस पर 6 प्रतिशत  वार्षिक ब्याज की दर से परिवादी को आदेश की तिथि से 1 माह के अंदर अदा करें। साथ ही परिवादी को मोबाइल ना होने से हुई परेशानी पर मानसिक कष्ट के लिए 3000 और मुकदमा खर्चा के लिए 2000 एक माह के अंदर अदा करने का जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश पारित किया। इसी प्रकार ग्राम अरबई तहसील बांदा के निवासी जगमोहन सिंह पुत्र ओंकार सिंह के मामले में विद्युत विभाग द्वारा सेवा में कमी करने के लिए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बांदा और मुख्य अभियंता चिल्ला रोड बांदा साथ ही आर.पी.सिंह क्षेत्रीय अवर अभियंता विद्युत बांदा के विरुद्ध मुकदमा स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि विपक्षी गांव आदेश की तिथि से 3 माह के अंदर प्रक्रिया पूर्ण करते हुए उपभोक्ता को विद्युत कनेक्शन जारी करें।

साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 10000 और मुकदमा खर्चा के लिए 5000 भी एक माह के अंदर अदा करें। इसी प्रकार वीरेंद्र कुमार  पुत्र संतोष कुमार सिंह एडवोकेट निवासी कटरा शहर बांदा के मामले में फोरम द्वारा एकपक्षीय निर्णय करते हुए अपने आदेश में कहा कि इंजीनियर विनय राय संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी करियर इंफोविस इंस्टीट्यूट अंबाला कैंट हरियाणा के द्वारा परिवादी के बच्चे के लिए कक्षा 7 हेतु यूपी सैनिक स्कूल लखनऊ की प्रवेश परीक्षा की किताबें नहीं दी गई ,जो विपक्षी दुकानदार का सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को दर्शाता है जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने दुकानदार के विरुद्ध एकपक्षीय निर्णय करते हुए विपक्षी को आदेश दिया कि वह परिवादी को किताबों के कीमत 4500 और आदेश की तिथि से 1 माह के अंदर अदा करें। इसके अलावा परिवादी के बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर मानसिक प्रताड़ना के लिए 13000 और मुकदमा खर्चा के लिए 2000 भी विपक्षी दुकानदार परिवादी को एक माह के अंदर अदा करें ।यह मामला विपक्षी के विरुद्ध एक पक्षीय स्वीकार किया गया क्योंकि फोरम के द्वारा विपक्षी को रजिस्टर्ड नोटिस दी गई जिस पर वह उपस्थित नहीं हुए। तत्पश्चात फोरम के द्वारा विपक्षी को जरिए ई-मेल से नोटिस दी गई विपक्षी के न आने पर उनके विरुद्ध मामला एक एकपक्षी चला। उक्त जानकारी रीडर न्यायालय स्वतंत्र रावत ने दी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ