खप्टिहा कलाँ की स्थायी पशु आश्रय स्थल के बिगड़े हालात, भूख प्यास से तड़प रहे गोवंश



शिवम सिंह, संवाददाता 

पैलानी/बांदा। पैलानी तहसील क्षेत्र के खप्टिहा कलाँ की स्थायी पशु आश्रय स्थल के बिगड़े हालात, भूख प्यास से तड़प रहे गोवंश। ग्रामीणों ने लगाया गौवंशो को गौशाला में बंद करने के बाद भी छोड़ देने का आरोप। किसानों की फसलें हो रही हैं बर्बाद। गौशाला संचालक का कहना है कि सरकार से नही मिल रही कोई व्यवस्था।

बता दें कि एक ओर सरकार गोवंशों के रख रखाव हेतु करोडों रुपये पानी की तरह फुकने के वादे करते हुए दिख रही हैं लेकिन हकीकत यह है कि 10 माह से गोवंश के रखरखाव का नही मिला है पैसा।

वही ग्राम विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. अनिल शर्मा ने बताया कि 9 महीने से गोवंश के रखरखाव का पैसा नहीं मिला और मैंने शासन को लिख कर भी यहां की अव्यवस्थाओं को भेजा है कि जल्द से जल्द बाउंड्री गोवंश के ठंड से बचने के लिए मदद दी जाए लेकिन अभी तक कोई भी शासन से लाभ नहीं मिला।

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