बांदा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर क्रमिक सत्याग्रह चौथे दिन भी जारी रहा संघ के जिला अध्यक्ष डा. गणेश सिंह पटेल तथा उपाध्यक्ष जानकी शरण शुक्ला ने बताया कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों में 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एनपीएस की नियोक्ता अंशदान की धनराशि समय से जमा न होने के कारण प्रदेश सरकार के द्वारा बजट में 520 करोड रुपए का प्रावधान किया गया था प्रदेश के समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह धनराशि मार्च 2020 में ही उपलब्ध करा दी गई बांदा जनपद में समस्त विद्यालयों के द्वारा फाइलें भी पिछले लगभग 1 वर्षों से कार्यालय पर जमा है परंतु आज तक शिक्षकों के प्रान खातों में यह धनराशि नहीं जमा कराई जा सकी है साथ ही वेतन से कटने वाली मासिक कटौती लगभग 27 माह की पड़ी हुई है जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबंधित जनपदीय समस्याएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं कार्यालय स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अधिकारी एवं पटल सहायक प्रतिदिन आते हैं परंतु समस्याओं के समाधान के संदर्भ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदेश के समस्त कार्यालयों में सिटीजन चार्टर लगाने का आदेश है परंतु आज तक कार्यालय में कौन सा कार्य कितने समय में होगा इसकी जानकारी जनपद के किसी भी शिक्षक को नहीं है जनपद महोबा में एक ही दिनांक को कई माह की धनराशि शिक्षकों के प्रान खातों में भेजी गई परंतु बांदा जनपद में स्थिति एकदम इसके ठीक विपरीत है आवश्यक जानकारी न होने के कारण तमाम प्रकार की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं जनपद के लगभग 80ः अध्यापक एनपीएस से आच्छादित हैं परंतु कार्यालय स्तर पर एनपीएस के कार्यों की देखरेख करने वाला कोई भी पटल सहायक नामित नहीं है। बिना पटल सहायक के अभाव में लगातार कार्य नही हो। सत्याग्रह के चौथे दिन पंच भैया प्रसाद, विजय कुमार, डा. मनोज त्रिपाठी, अवध बिहारी सिंह, मुकेश कुमार तेजानी, सुरेश कुमार, मनोज कुमार पटेल, बीके सिंह सुरेश सिंह, अजय गुप्ता, अरबिन्द किशोर सागर, सर्वेश कुमार सुरेंद्र सिंह, राम रोशन दिनकर, जिलाध्यक्ष गणेश सिंह पटेल, जिला मंत्री मोहम्मद बाकर, प्रधानाचार्य रामकृपाल मौर्य, प्रधानाचार्य पवन कुमार निगम, आदि उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ
Please don't enter any spam link in the comment Box.