राजेश शास्त्री, संवाददाता
- सहायक अध्यापक पढ़ाने नहीं आती
सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड अन्तर्गत खुनियांव अन्तर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय हिंलगी नानकार में जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अव्यस्था का शिकार है। विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक पढाने नहीं आती हैं। जबकि प्रधानाध्यापक पर बच्चों को खाद्यान कम देने का आरोप है।जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय हिंलगी नानकार में 110 बच्चे नामांकित हैं। जहां 29 अक्टूबर को 49 बच्चे उपस्थित पाए गए। विद्यालय में 4 अध्यापकों प्रधानाध्यापक राधेश्याम तिवारी, सहायक अध्यापक स्वाती श्रीवास्तव, शिक्षामित्र इंद्रजीत यादव, शिक्षामित्र मीरा देवी की तैनाती है। जिसमें शुक्रवार को सहायक अध्यापक राधेश्याम तिवारी शिक्षामित्र इंद्रजीत यादव शिक्षामित्र मीरा देवी विद्यालय पर बच्चों को पढ़ाते मौजूद मिले।
सहायक अध्यापक स्वाती श्रीवास्तव के विषय में पूछने पर बताया गया कि वह कहीं काम से गई हैं। किन्तु जब गांव में अभिभावकों से पता किया गया तो अभिभावकों ने बताया कि सहायक अध्यापक स्वाती श्रीवास्तव पढ़ाने नहीं आती हैं। उपस्थिति रजिस्टर पर सभी दिन का एक साथ हस्ताक्षर बना दिया जाता है। प्रधानाध्यापक महोदय भी अक्सर बिना बताए ही गायब हो जाया करते हैं। पिछले सितंबर महीने में भी खंड शिक्षा अधिकारी ने 21 सितम्बर से 27 सितंबर तक उपस्थिति रजिस्टर चेक करके उनको अनुपस्थित किया था।
अभिभावकों ने लगाया राशन कम देने का आरोप
विद्यालय पर मौजूद अभिभावकों में बंसराज, रविंद्र यादव आदि ने बताया कि कोविड के समय का द्वितीय चरण 01 जुलाई 2020 से 31 अगस्त 2020 तक 49 दिन तथा तीसरे चरण का 01 सितंबर 2020 से 28 फरवरी 2021 तक 138 दिन का बच्चों को देने के लिए जो राशन आया था। उसे अब 04 किलोग्राम गेहूं तथा 07 किलोग्राम चावल अक्टूबर महीने में प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को राशन लेने के लिए प्राधिकार पत्र जारी कर दिया है।
चौंकाने वाली बात यह सामने आयी कि प्राधिकार पत्र में 04 किलोग्राम गेहूं तथा 07 किलोग्राम चावल की मात्रा भर कर दिया गया है। जब कि प्राधिकार पत्र में 04 किलो 600 ग्राम गेहूं तथा 09 किलो 200 ग्राम चावल इस प्रकार कुल मिलाकर 13 किलो 800 ग्राम खाद्यान्न देने का निर्देश है। इसी प्रकार तीनों चरण को मिला कर प्रत्येक बच्चें को 07 किलोग्राम 700 ग्राम खाद्यान कम दिया गया है। इस प्रकार कुल 110 बच्चों को सापेक्ष 07 कुंटल 70 किग्राम राशन का प्रधानाध्यपक व कोटेदार पर मिलकर घालमेल करने का आरोप लग रहा है। जिसका जांच किया जाना चाहिए। इसलिए अधिकांश बच्चों के अभिभावक राशन लेना नहीं चाहते हैं।
प्रधानाध्यापक राधेश्याम तिवारी ने बताया-
राशन कम देने व देर से देने के संबंध में प्रधानाध्यापक राधेश्याम तिवारी ने बताया कि मैंने कोटेदार से पूछा कि राशन उपलब्ध है। कोटेदार ने बताया कि जो राशन उपलब्ध है, मैं उसे दे रहा हूं। 20 प्रतिशत राशन कम राशन मिलता है। इसी को ध्यान में रखकर बच्चों को बराबर खाद्यान्न दिया गया है। जो कम पड़ेगा उसे बाद में दे दिया जाएगा।
कोटेदार के प्रतिनिधि हृदय नारायण दुबे ने बताया-
कोटेदार के प्रतिनिधि हृदय नारायण दुबे ने बताया कि कुल 11 कुंटल 66 किलो ग्राम राशन मिला था। उसी के अनुपात से राशन बांटा गया है। खाद्यान्न उठान जून महीने में हुआ था।जबकि खाद्य और रसद विभाग के सूत्रों का कहना है कि कुल 12 कुंटल 27 किग्राम चावल तथा 06 कुंटल 61 किग्राम गेहूं जिसका सम्पूर्ण योग 18 कुंटल 88 किग्राम कुल राशन का उठान हो चुका है। विद्यालय में अनुपस्थित रहने वाली सहायक अध्यापक स्वाती श्रीवास्तव के विषय में पूछे जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश मिश्र ने बताया कि शनिवार को भी मैंने पता कराया तो वह विद्यालय पर उपस्थित नहीं थीं। सितंबर महीने में अनुपस्थिति के विषय में बताया कि रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर भेज दिया गया है। आगे जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

0 टिप्पणियाँ
Please don't enter any spam link in the comment Box.