बीमा क्लेम निरस्त करने पर उपभोक्ता आयोग ने बीमा कम्पनी पर ठोंका जुर्माना

अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ

बांदा। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने यूनिवर्सल शैंपू जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा गलत तरीके से मृत भैंस का बीमा क्लेम निरस्त करने पर 5000 का जुर्माना ठोका। साथ ही आदेश दिया कि एक माह के अंदर परिवादी को भैंस की बीमा राशि 25000 का भुगतान करें। जानकारी के अनुसार मामला इस प्रकार था कि ग्राम कनाय पोस्ट पोंगरी तहसील नरैनी जिला बांदा के सुशील कुमार पुत्र तीरथ प्रसाद ने जनवरी 2014 में शाखा प्रबंधक इलाहाबाद बैंक करतल और यूनिवर्सल शैंपू जनरल इंश्योरेंस कंपनी अंधेरी मुंबई को पक्षकार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी की उनके द्वारा परिवार का खर्चा उठाने के लिए इलाहाबाद बैंक शाखा करतल से 25000 का लोन लिया था । जी भैंस खरीदी थी वह  7 लीटर देती थी। भैंस पूर्ण रूप से स्वस्थ थी। 

अचानक बीमार पड़ गई और 27 अगस्त2011 को मर गई। बीमा कंपनी को क्लेम सेटलमेंट फॉर्म दिया गया लेकिन भुगतान नहीं किया गया। विपक्षी के द्वारा सेवा में कमी किया। फोरम ने विपक्षी पार्टी को नोटिस भेजा। विपक्षी ने जवाब दिया कि वाद काल बाधित है और निरस्त किए जाने योग्य है। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने दोनो पक्षों की बहस सुनी। आदेश दिया कि परिवादी का वाद आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है विपक्षी 2 यूनिवर्सल शेम्पो जनरल ई कंपनी को आदेश दिया जाता है कि परिवादी को मृत भैंस का बीमा क्लेम 25000 का भुगतान एक माह में करे। मानसिक तनाव और मुकदमा दायर करने में हुए व्यय के लिए 5000 भी अदा करे। उक्त जानकारी रीडर न्यायालय स्वतंत्र रावत ने दी।

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