अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ
बांदा। बुन्देलखण्ड क्षेत्र को उत्तम बनाने के लिये हम सभी का प्रसास जरूरी है। इस क्षेत्र के उत्तम हुए बिना हम उत्तम प्रदेश की कल्पना नही कर सकते। यह क्षेत्र उत्तमत भी होगा जब हम इसके विकास के लिये हर उस क्षेत्र को विकसित करे जिससे इस क्षेत्र की पहचान बनती हो। बुन्देलखण्ड के संस्कृति, उत्पाद, खान पान तथा प्रतिभा की ब्राण्डिग आवश्यक है।मेरे और मेरे टीम द्वारा तीन साल मे किये गये कार्य को क्षेत्र के लोग विशेष तौर पर कृषक 30 वार्षो तक अनुभव करे ऐसा प्रयासर हेगा। विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध एवं प्रसार विकसित हो और सूचक के रूप मे पहचान बनाये जिससे प्रगतिको देखा जासके।
शिक्षा के क्षेत्र मे सफलछात्र, कृषि उद्यमी सूचक हो शोध के क्षेत्र में, तकनिकी के रूप मे तथाप्रसार के क्षेत्र मे सूचना ग्रहण करने हेतु विभिन्न विधियां विकसित हो जिससे कृषक एवं अन्य जनमानस लाभांवित होसके। इस संस्थान मे धर्म, जाति तथा क्षेत्र से उपर उठकर कार्य करना ही मेरी कार्य शैली होगी। इस क्षेत्र के विकास के लिये हम श्रमिक बनकर नेतृत्व प्रदान करेगे और तभी हमआगे बढ सकते है। यह विचार बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा के नवनियुक्त कुलपति प्रो0 नरेन्द्र प्रताप सिंह ने आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस मे कही।

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