- टीकाकरण को पूर्ण हुआ एक साल
- टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
बांदा। कोविड-19 से लोगों को सुरक्षित बनाने के लिए वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 16 जनवरी 2021 से शुरू हुए टीकाकरण को एक साल पूरा हो गया है। टीके को लेकर लोगों में तमाम भ्रांतियां भी रहीं, जिसे सिरे से खारिज करते हुए जिले के 97 फीसदी पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इनमें से 58 फीसद लोगों ने दूसरी डोज भी लगवा ली है।
कोविड टीकाकरण को एक साल पूरा हो गया है। टीकाकरण अभियान में जिले के डॉक्टर, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके 12.76 लाख आबादी को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 12.32 लाख यानी 97 फीसद लोगों ने कोरोना की पहली डोज लगवाई है। शहरी क्षेत्र में टीकाकरण ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा तेजी से हो रहा है। बांदा शहरी क्षेत्र में 89 हजार के लक्ष्य के मुकाबले 1.23 लाख लोगों ने जिम्मेदारी दिखाते हुए पहला डोज लगवाया।
सीएमओ ने बताया कि संक्रमण की रफ्तार में कमी आने के बाद लोग दूसरी डोज में लापरवाही दिखाने लगे। समय पूरा होने के बाद भी टीकाकरण केंद्र तक नहीं आए लेकिन अब संक्रमण के रफ्तार पकड़ते ही लोग दूसरी डोज के लिए आने लगे हैं। जनपद में 16 जनवरी 2022 तक 73,223 यानी 58.46 फीसद पात्र लोगों ने दूसरी डोज लगवा ली है। इसमें भी शहरी क्षेत्र के लोग सबसे आगे हैं। 82 फीसद शहरियों ने अब तक दूसरी डोज लगवाई है।
किशोर टीकाकरण में भी शहरी आगे
यूएनडीपी की जिला वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर अंजना पटेल ने बताया कि जिले में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 1.26 लाख किशोर-किशोरियों का सुरक्षित करने के लिए टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक 49,304 किशोरों को टीका लगाया जा चुका है। बांदा शहरी क्षेत्र में 8823 के सापेक्ष सबसे ज्यादा 8589 यानी 97 फीसद ने पहली डोज लगवा ली है। इसी तरह 1175 लोगों ने प्री काशन डोज भी लगवाई है। यूनिसेफ के रीजनल को-आर्डिनेटर गनेश पांडेय व डीएमसी राहुल सिंह ने शहर के चौसठ जोगिनी मंदिर के पास बने टीकाकरण बूथ में प्री काशन डोज (एहतियाती डोज) लगवाई।

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